
पूर्णिया:-19 मई (संतोष कुमार झा)पूर्णिया जिले के धमदाहा थाना क्षेत्र में अवैध हथियार निर्माण के बड़े नेटवर्क का खुलासे के बाद पूरे धमदाहा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है.स्थानीय लोगों के जितने मुंह उतनी बातें सुनाई दे रही है.सबसे बड़ी बात की धमदाहा में चल रही मिनी गन फैक्ट्री की जानकारी कोलकाता एसटीएफ को कैसे मिली. बताते चलें कि 04 मई को बंगाल में टीएमसी की प्रचंड हार और भाजपा की प्रचंड जीत के ठीक दो दिन बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.जिसके बाद कोलकाता एसटीएफ को बिहार में बक्सर के दो शूटर की जानकारी मिली.दोनों शूटर की गिरफ्तारी के बाद उसके कॉल डिटेल्स में मुंगेर के चर्चित हथियार सप्लायर का नम्बर मिला.जिसकी गिरफ्तारी के बाद कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए कोलकाता एसटीएफ ने पटना एसटीएफ को पूरी जानकारी मुहैया कराई.जिसके बाद हरिपुर गांव में संचालित मिनी गन फैक्ट्री पर कोलकाता STF, बिहार STF और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है.छापेमारी के दौरान पुलिस ने अर्धनिर्मित पिस्तौल, हथियार बनाने की मशीनें और भारी मात्रा में उपकरण बरामद किए हैं.मामले को लेकर मंगलवार को धमदाहा थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्णिया की पुलिस अधीक्षक ने पूरे ऑपरेशन की जानकारी देते हुए बताए कि कोलकाता एसटीएफ़ को गुप्त सूचना मिली.जिसके बाद बिहार एसटीएफ़ के सहयोग से इस मामले में मुंगेर निवासी सूरज को गिरफ्तार किया गया. जिसने इस मामले में एसटीएफ को बड़ी लीड दिया कि धमदाहा थाना क्षेत्र के हरिपुर वार्ड संख्या-01 स्थित गब्बर राय और मिट्ठू कुमार के घर में अवैध हथियार बनाने का काम चल रहा है.
इसके बाद कलकत्ता एवम बिहार एसटीएफ़ टीम ने धमदाहा डीएसपी को इसकी सूचना दी और धमदाहा डीएसपी और थानाध्यक्ष अपने सड़लबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर
घेराबंदी कर चार लोगों को दबोच लिया.
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपितों ने घर के अंदर बने बेसमेंट में मिनी गन फैक्ट्री संचालित होने की बात स्वीकार की.उनकी निशानदेही पर मंगलवार को एक अन्य आरोपित सूरज कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया.गिरफ्तार लोगों में हरिपुर निवासी मिट्ठू कुमार और गब्बर राय के अलावा मुंगेर जिले के गुलजार पोखर निवासी मो0 अनवर खान, जेल बाजार निवासी मो0 आफताब आलम तथा श्यामपुर निवासी सूरज कुमार शामिल हैं.
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 10 अर्धनिर्मित देशी पिस्तौल, खराद मशीन,ड्रिल मशीन, मिलिंग मशीन,बेस मशीन, लोहे के कटर,हेक्सा ब्लेड, 30 से अधिक एंड मिल बिट्स,हथौड़ा,छेनी,लोहे की प्लेट्स,एंगल्स समेत हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए. इसके अलावा छह मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं.
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार तीन आरोपित मुंगेर जिले के रहने वाले हैं और वे हथियार निर्माण के प्रशिक्षित कारीगर बताए जा रहे हैं.पुलिस अब इस बात की पड़ताल में जुटी है कि तैयार हथियारों की सप्लाई किन इलाकों में की जानी थी और इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं.इस मौके पर डीएसपी संदीप गोल्डी थानाध्यक्ष रविशंकर कुमार समेत अन्य पुलिस कर्मी मौजूद रहे.

