समस्तीपुर, 14 सितंबर (मोहम्मद जमशेद) समस्तीपुर प्रखंड के कर्पूरी ग्राम पंचायत अंतर्गत डढ़िया बेलार, वार्ड संख्या 15 की निवासी सुमन देवी को 2 सितंबर को प्रसव पीड़ा होने पर आशा कार्यकर्ता द्वारा शहर के मोहनपुर रोड स्थित निजी अस्पताल ‘यूनिटी इमरजेंसी हॉस्पिटल’ में भर्ती कराया गया। तीन दिन बाद सुमन देवी ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया, लेकिन बच्चों को बेहतर इलाज के लिए अन्य अस्पताल में रेफर किया गया, जहां उनका निधन हो गया।

हालांकि मरीज का इलाज यूनिटी इमरजेंसी हॉस्पिटल में चलता रहा, लेकिन अस्पताल प्रबंधन द्वारा आर्थिक शोषण का सिलसिला भी जारी रहा। पीड़िता के पिता राजेन्द्र पासवान ने भैंस बेचकर अस्पताल का खर्च उठाया, फिर भी बार-बार पैसों की मांग की जाती रही। मजबूर होकर उन्होंने चंदा और भीख मांगकर लगभग 90 हजार रुपये का भुगतान किया, लेकिन इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने मरीज को एक सप्ताह तक जबरन कैद करके रखा।
राजेन्द्र पासवान ने इसकी शिकायत स्थानीय विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन को दी। विधायक ने नगर थानाध्यक्ष को सूचना दी और पुलिस बल व पीड़ित परिवार के साथ अस्पताल पहुंचकर डॉ. मयंक राज को कड़ी फटकार लगाई तथा मरीज को मुक्त कराया। इसके बाद विधायक मरीज को सदर अस्पताल ले गए, जहां उसका दोबारा इलाज शुरू किया गया।
विधायक शाहीन ने कहा कि जिले में कई निजी अस्पताल बिना निबंधन के चल रहे हैं, जहां इलाज के नाम पर लापरवाही व शोषण हो रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए ऐसे अस्पतालों को अविलंब बंद करने की मांग की। इस दौरान राजद प्रवक्ता राकेश ठाकुर, सत्यविन्द पासवान, मनोज राय, रवि आनंद सहित कई लोग मौजूद रहे।

