नई दिल्ली, 13 सितंबर (अशोक “अश्क”) नेपाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक पल आया जब देश की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रहीं सुशीला कार्की को शुक्रवार देर रात नेपाल की पहली अंतरिम महिला प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

सुशीला कार्की की इस नियुक्ति को नेपाल के लिए महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। उन्हें ऐसे समय अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है जब देश राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है और एक स्थायी सरकार के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सुशीला कार्की को इस नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, “मैं सुशीला कार्की को नेपाल की अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री के रूप में पद ग्रहण करने पर शुभकामनाएं देता हूं। भारत नेपाल के लोगों की शांति, तरक्की और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध बना हुआ है।”
प्रधानमंत्री मोदी के इस संदेश को दोनों देशों के मधुर और मजबूत रिश्तों की पुष्टि के तौर पर देखा जा रहा है। नेपाल और भारत सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सामाजिक रूप से गहरे जुड़े हुए हैं, और इस तरह की कूटनीतिक बधाइयाँ द्विपक्षीय संबंधों को और भी मजबूत करती हैं।
सुशीला कार्की का कार्यकाल एक संक्रमण काल का प्रतिनिधित्व करता है, जहां उन्हें स्थिरता, लोकतांत्रिक प्रक्रिया और शासन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले वे नेपाल की सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रह चुकी हैं और न्यायिक क्षेत्र में उनके कार्यों को व्यापक रूप से सराहा गया है।
उनकी नियुक्ति से नेपाल में महिला नेतृत्व को नई पहचान और बल मिलेगा, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।

