
पटना, 05 जनवरी (पटना डेस्क) बिहार में पंचायत आम चुनाव 2026 से पहले चुनाव क्षेत्रों का परिसीमन नहीं होगा। राज्य सरकार ने वार्ड, पंचायत या निर्वाचन क्षेत्रों में किसी भी तरह के नये बदलाव से साफ इनकार कर दिया है। इसका मतलब है कि इस वर्ष पंचायतीराज संस्थाओं के करीब ढाई लाख पदों पर चुनाव पुराने परिसीमन के आधार पर ही कराए जाएंगे। इनमें ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के विभिन्न पद शामिल हैं।बिहार राज्य पंचायतीराज अधिनियम, 2006 के अनुसार परिसीमन की प्रक्रिया जनगणना के बाद की जाती है, लेकिन वर्ष 2011 के बाद देश में कोई नई जनगणना नहीं हुई है।

ऐसे में राज्य सरकार के पास परिसीमन का कोई आधार उपलब्ध नहीं है। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव से पहले सभी सीटों के आरक्षण रोस्टर का निर्धारण किया जाएगा।आयोग सूत्रों के मुताबिक, इसके लिए प्रत्येक राजस्व ग्राम से वार्डवार आंकड़े मंगाए जाएंगे और डाटा बैंक से उनका मिलान किया जाएगा। इसमें आबादी और वर्तमान पदों की संख्या शामिल होगी। हाल के दिनों में प्रखंड मुख्यालयों पर परिसीमन को लेकर फैली अफवाहों से भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

आयोग अब इन अफवाहों पर विराम लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। पंचायत चुनाव की प्रक्रिया सितंबर से नवंबर के बीच पूरी होने की संभावना है।

