पटना, 5 सितम्बर (अशोक “अश्क”) राजधानी पटना के चर्चित शिक्षक खान सर इन दिनों शिक्षा के दायरे से निकलकर मेडिकल क्षेत्र में बड़ी एंट्री को लेकर सुर्खियों में हैं। वह एक ऐसा आधुनिक अस्पताल बना रहे हैं, जहां इलाज सरकारी अस्पताल से भी सस्ता होगा। उनका दावा है कि अस्पताल में ब्लड बैंक, डायलिसिस सेंटर और कैंसर अस्पताल जैसी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी।

खान सर लगातार सोशल मीडिया पर अस्पताल की प्रगति से जुड़ी जानकारियां साझा कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले उन्होंने दर्जनों डायलिसिस मशीनों के साथ एक वीडियो शेयर किया था, जिससे यह साफ हुआ कि वे सिर्फ दावे नहीं, बल्कि तेजी से काम भी कर रहे हैं।
अस्पताल निर्माण के दौरान एक ऐसा वाकया हुआ जिसने खुद खान सर को भी चौंका दिया। उन्होंने ऑपरेशन थिएटर की फ्लोरिंग के लिए चमकदार और महंगे मार्बल टाइल्स लगवाए थे। लेकिन जैसे ही इंस्पेक्शन के लिए अधिकारी पहुंचे, उन्होंने इन टाइल्स को हटाने का आदेश दे दिया। वजह जानने के बाद खान सर खुद हैरान रह गए।
खान सर ने वायरल वीडियो में बताया कि ऑपरेशन थिएटर में टाइल्स लगाना मान्य नहीं होता। क्योंकि दो टाइल्स के बीच जो ज्वाइंट बनता है, उसमें बैक्टीरिया, वायरस और फंगस जमा हो सकते हैं। ये सूक्ष्म जीव इतने छोटे होते हैं कि एक सरसों के दाने में करीब 1,000 तक समा सकते हैं। इसलिए ओटी में ऐसी फ्लोरिंग होनी चाहिए जिसमें कोई ज्वाइंट न हो।
बाद में उन्होंने पूरा मार्बल हटवाकर ओटी मैट लगवाया। यह एक खास किस्म की फ्लोरिंग होती है जो ज्वाइंट-फ्री होती है और बिल्कुल मार्बल जैसी दिखती है, लेकिन संक्रमण की आशंका को लगभग खत्म कर देती है।
खान सर ने यह भी ऐलान किया है कि उनके अस्पताल और डायलिसिस सेंटर में बीमार लोगों को ‘मरीज’ या ‘पेशेंट’ नहीं, बल्कि ‘गेस्ट’ यानी मेहमान कहा जाएगा। उनका मानना है कि बीमारी के समय व्यक्ति पहले ही मानसिक और शारीरिक रूप से पीड़ित होता है, ऐसे में ‘मरीज’ कहकर उसे और कमजोर नहीं बनाना चाहिए।
उनकी सोच है कि सम्मान और संवेदनशीलता से इलाज का अनुभव बेहतर होता है। यही कारण है कि उनका यह अस्पताल सिर्फ ईंट और सीमेंट का ढांचा नहीं, बल्कि संवेदना और सम्मान का केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है।
खान सर का यह नया प्रयास एक सामाजिक पहल के रूप में देखा जा रहा है, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में इंसानियत की नई परिभाषा गढ़ने की कोशिश है।

