
पूर्णिया:-28 फरवरी(राजेश कुमार झा)सीमांचल में तीन दिनों तक चली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हाईलेवल मीटिंग को लेकर कई तरह की अफवाहें सुनने को मिल रही है.जो कहीं से भी अतिशयोक्ति नहीं दिख रही है. बिफोरप्रिंट डिजिटल ने इस मामले को लेकर कई जानकार लोगों से पूरे मामले को जानने की कोशिश की. बताते चलें कि इस हाईलेवल मीटिंग को लेकर अंदर खाने से मिल रही खबर के मुताबिक,इस हाईलेवल मीटिंग में केंद्रशासित प्रदेश की कोई चर्चा तक नहीं हुई है.जानकार बताते है कि ये मीटिंग पूरी तरह बंगाल चुनाव में अवैध घुसपैठिया को लेकर हो सकता है.क्योंकि बंगलादेश से सबसे अधिक घुसपैठिया नेपाल,किशनगंज और पूर्णिया के रास्ते बंगाल में आए है.जो बंगाल का सबसे बड़ा वोट बैंक है.जिसके सहारे बंगाल चुनाव में कोई दूसरी पार्टी सत्ता में नहीं आ पा रही है.जिससे बंगाल की जनता चुपचाप बर्दाश्त कर रही है.जो खुलकर बंगाल सरकार का विरोध भी नहीं कर पा रही है. बताते चलें कि बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों की वजह से लोकल निवासी भी डरे एवं सहमे हुए है.कोई भी उनका खुलकर विरोध भी नहीं कर पा रहे है.क्योंकि जान-माल का डर सबको रहता है.इसलिए सीमांचल में तीन दिनों तक चली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हाईलेवल मीटिंग में मुख्य मुद्दा बंगाल V/S घुसपैठिया ही था.पूर्णिया

