नई दिल्ली, 02 नवम्बर (अशोक “अश्क”) पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के हालिया बयान ने देश में हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल के संभावित परीक्षण से जुड़ी अटकलों को और तेज कर दिया है। दरअसल, आसिफ ने न तो मिसाइल टेस्ट की पुष्टि की और न ही इसे पूरी तरह नकारा। उनके अस्पष्ट जवाब ने इस पूरे मामले को रहस्यमय बना दिया है।

एक टीवी कार्यक्रम में जब उनसे पूछा गया कि क्या पाकिस्तान आर्मी ने हाल ही में कोई सीक्रेट मिसाइल टेस्ट किया है, तो उन्होंने कहा, “ये सारे सवाल यहां मत पूछिए। ऐसी बातें निजी तौर पर पूछिए। इस पर सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं हो सकती।” उनके इस जवाब के बाद सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में हलचल मच गई।
अटकलों की शुरुआत तब हुई जब मंगलवार, 28 अक्टूबर की सुबह, क्वेटा और बलूचिस्तान के आसमान में एक तश्तरीनुमा बादल देखा गया। कई स्थानीय निवासियों ने दावा किया कि यह कोई सामान्य बादल नहीं, बल्कि मिसाइल परीक्षण का परिणाम था। लेंटिकुलर आकार के इन बादलों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं। हालांकि मौसम विशेषज्ञों ने इसे एक प्राकृतिक मौसमी घटना बताया, लेकिन सरकार की चुप्पी ने अफवाहों को और हवा दी।
शुरुआत में आसिफ ने इन रिपोर्ट्स को अफवाह बताया था, मगर बाद में टेलीविजन इंटरव्यू में दिए गए उनके गोलमोल जवाब ने नई बहस छेड़ दी। विश्लेषकों का मानना है कि अगर वास्तव में पाकिस्तान ने हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया है, तो यह उसके रक्षा ढांचे में एक बड़ी तकनीकी प्रगति होगी।
इस पूरे घटनाक्रम पर दुनिया की नज़रें टिकी हुई हैं, क्योंकि हाल के महीनों में पाकिस्तान ने भारत के साथ तनाव बढ़ने के बाद अपनी सैन्य ताकत को मजबूत करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। हथियारों के आधुनिकीकरण और रणनीतिक तैयारी के बीच यह कथित मिसाइल टेस्ट देश की रक्षा नीति का अहम संकेत माना जा रहा है।

