पूर्णिया 25 सितंबर (राजेश कुमार झा) बिहार में चुनावी माहौल शुरू हो चुका है.चौक चौराहों पर चाय की दुकानों पान दुकानों एवं सैलूनों पर राजनीतिक चर्चा शुरू हो चुकी है.कौन सी पार्टी कितने सीटों पर चुनाव लड़ेगी,किनको टिकट मिलेगा और किनका टिकट कटेगा.इन सब राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा शुरू हो चुकी है.जनता चाय दुकानों पर,पान दुकानों से लेकर सैलूनों तक में बस सिर्फ इन्हीं सब बातों पर चर्चा होने लगी है.

इन्हीं सब बातों को लेकर बिफोरप्रिंट डिजिटल चाय दुकानों,पान दुकानों,चौक चौराहों एवं सैलूनों में जाकर आमजनों से उनकी राय जानने की कोशिश की.बताते चलें कि पूर्णिया सदर विधानसभा सीट को लेकर भाजपा सहित महागठबंधन के पास टिकट के लिए लंबी फेहरिस्त है.सभी उम्मीदवार टिकट के लिए नेताओं के पीछे दिल्ली और पटना का दौड़ लगा रहे है. लेकिन इन लोगों के बीच एक ऐसा भी उम्मीदवार है जो आमजनों की सेवा में दिनरात लगे हुए है.बताते चलें कि वर्षों से जिले के हर गांव गांव जाकर मेडिकल कैंप लगाकर हजारों लोगों का इलाज कर उनकी सेवा करने वाले भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ सह प्रदेश संयोजक एवं प्रख्यात सर्जन सह समाजसेवी डा0 संजीव कुमार आज आमजनों की पहली पसंद के साथ साथ उनके दिलों में एक अमिट छाप बना चुके है.

ऐसा नहीं कि ये आज भाजपा में है तो ऐसा कर रहे है.ये विगत 15 वर्षों से लगातार गांव गांव जाकर मेडिकल कैंप लगाकर मुफ्त दवा एवं इलाज से हजारों लोगों के बीच अपनी सेवा दे रहे है.आज भी ये हर दिन शुभ 5 बजे से सुबह के 11 बजे तक किसी न किसी गांव में मेडिकल कैंप लगाकर अपनी सेवा दे रहे है.यहां तक कि कोई गरीब के पास ऑपरेशन के पैसे नहीं भी है तो भी उनका मुफ्त ऑपरेशन कर उनको ठीक करते है.जिले में कहीं भी कोई भी समस्या हो तुरंत अपनी सेवा देने में हमेशा तत्पर रहते है.आज कल जिले में कई नेता ऐसे भी है जो टिकट लेने के लिए जितना दिखावा कर सकते है जरूर करते है.लेकिन डा0 संजीव इन सब दिखावा से कहीं ऊपर है.शांत मिजाज, मृदुभाषी एवं लोगों की सेवा में हमेशा तत्पर रहने वाले डा0 संजीव को शायद किसी परिचय का मोहताज नहीं है. जब बिफोरप्रिंट डिजिटल ने आमजनों से एक बेहतरीन उम्मीदवार का चुनाव की बात पूछी तो सबने एक मत एक स्वर में डॉ0 संजीव को अपनी पहली पसंद के रूप में बताया.

