बक्सर, 19 नवम्बर (विक्रांत) प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 21वींस्काडा किस्त के तहत आज देशभर के करोड़ों किसानों के खाते में 18,000 करोड़ रुपये का हस्तांतरण किया गया। इस अवसर पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 300 महिला और पुरुष किसान, विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक, अधिकारी और छात्र मौजूद रहे। कुल मिलाकर लगभग 600 लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान दक्षिण भारत में आयोजित प्राकृतिक खेती पर शिखर सम्मेलन का उद्घाटन भी हुआ। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कोयंबटूर से देशभर के किसानों और इनोवेटर्स को लाइव संबोधित करते हुए कहा कि “प्राकृतिक खेती 21वीं सदी की आवश्यकता है। केमिकल खाद के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हो रही है, जिसे फसल विविधीकरण और प्राकृतिक खेती ही बचा सकती है।” उन्होंने कृषि क्षेत्र में पिछले 11 वर्षों में हुए सकारात्मक परिवर्तनों का उल्लेख किया और कहा कि कृषि निर्यात दोगुना हुआ है।

कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने किसानों से समस्याएं साझा करने को कहा। मधुबनी से आए किसान मिथिलेश कुमार ने डेयरी से संबंधित मुद्दे रखे, स्थानीय किसानों ने बैंगन फसल में रोग और कीट प्रकोप की समस्या बताई, जबकि श्रवण कुमार ने जल जमाव और बाढ़ के कारण धान फसल प्रभावित होने की स्थिति रखी। कुलपति ने वैज्ञानिकों और अधिकारियों को त्वरित समाधान हेतु निर्देश दिए।
कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने कहा कि प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना प्राथमिकता हो, वैज्ञानिक पूरे जिले के कृषि परिदृश्य के अनुसार योजनाएँ तैयार करें और गाँवों को प्राकृतिक खेती की प्रयोगशाला बनाएं। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। कार्यक्रम का संचालन KVK सबौर की प्रधान श्रीमती अनीता कुमारी ने किया।

