नई दिल्ली, 21 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के बीच इस हफ्ते होने वाली अहम बैठक को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बुडापेस्ट में प्रस्तावित शिखर बैठक की तैयारी चल रही थी।

रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, 20 अक्टूबर को लावरोव और रुबियो के बीच फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें 16 अक्टूबर को पुतिन और ट्रंप के बीच हुई चर्चा को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी थी। दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों ने इस संवाद को सकारात्मक बताया था, लेकिन वार्ता स्थगित होने से अब यह प्रक्रिया अनिश्चितता में पड़ गई है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि रुबियो ने मॉस्को-वाशिंगटन के बीच सहयोग की संभावना को महत्वपूर्ण बताया था, खासकर रूस-यूक्रेन युद्ध के स्थायी समाधान के लिए। वहीं एक सूत्र ने बताया कि लावरोव-रुबियो वार्ता के बाद अमेरिका को रूस के रुख में कोई लचीलापन नहीं दिखा। सूत्रों ने यह भी संकेत दिए कि रुबियो अब पुतिन-ट्रंप बैठक को आगे बढ़ाने की सिफारिश नहीं करेंगे।
इस बीच, हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि बुडापेस्ट में संभावित शांति सम्मेलन उनकी अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि युद्ध के कारण गैस और ऊर्जा की कीमतें बढ़ीं और महंगाई बेकाबू हुई।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भी कहा है कि यदि उन्हें आमंत्रित किया गया तो वे बुडापेस्ट सम्मेलन में शामिल होंगे। उन्होंने यह चिंता भी जताई कि हंगरी का रूस के प्रति झुकाव और कीव के प्रति नकारात्मक रुख सम्मेलन की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकता है।
अब सबकी निगाहें पुतिन-ट्रंप बैठक पर टिक गई हैं, जो रूस-यूक्रेन युद्ध में शांति की संभावनाओं को नया मोड़ दे सकती है, बशर्ते पूर्व वार्ताएं फिर से शुरू हो।

