पूर्णिया, 30 अगस्त (राजेश कुमार झा) 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और चुनावी माहौल अपने चरम पर है। हर दल अपनी रणनीति को धार देने में जुटा है, तो वहीं जनता भी अब अपने पसंदीदा उम्मीदवार को लेकर राय बनाने लगी है। बिफोरप्रिंट डिजिटल की चुनावी चौपाल इसी सिलसिले में पहुंची पूर्णिया सदर विधानसभा क्षेत्र, जहां पिछले दो टर्म से भारतीय जनता पार्टी का परचम लहराता रहा है। इस बार भी बीजेपी अपनी हैट्रिक के इरादे से मैदान में है, लेकिन हालात पहले जैसे नहीं हैं।

इस बार समीकरणों में एक नया नाम तेजी से उभर रहा है जितेंद्र यादव। यादव की दावेदारी न सिर्फ मजबूत मानी जा रही है, बल्कि यह बीजेपी के लिए चिंता का कारण भी बन चुकी है। पूर्णिया में बिफोरप्रिंट डिजिटल की टीम ने जब अलग-अलग वार्डों में जाकर जनता से संवाद किया, तो एक स्पष्ट संकेत मिला कि मुकाबला इस बार कांटे का हो सकता है।
बीजेपी के पास भले ही कैडर वोट और जेडीयू के साथ का समर्थन हो, लेकिन जितेंद्र यादव को भी मजबूत सामाजिक आधार और राजद के कोर वोट बैंक का सीधा फायदा मिल सकता है। यादव को युवाओं, महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदायों का भी अच्छा समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है।
चुनावी चौपाल में लोगों ने खुलकर अपनी राय रखी। कई मतदाताओं ने कहा कि विकास के मुद्दे अब भी अधूरे हैं, और इस बार वे बदलाव की तरफ झुकाव महसूस कर रहे हैं। कुछ बुजुर्ग मतदाताओं ने कहा कि जितेंद्र यादव का व्यवहार, क्षेत्रीय जुड़ाव और लोगों के बीच लगातार सक्रियता ने उन्हें एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में सामने लाया है।
वहीं, कुछ बीजेपी समर्थकों का मानना है कि पार्टी की योजनाएं, केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियां और मोदी ब्रांड अब भी वोटरों को अपनी ओर आकर्षित करने में सक्षम हैं। लेकिन ये भी मानना पड़ा कि इस बार मुकाबला आसान नहीं होगा।
विश्लेषकों की मानें तो जितेंद्र यादव की मौजूदगी ने मुकाबले को त्रिकोणीय न बनाकर सीधे तौर पर द्विपक्षीय बना दिया है, जिसमें यादव और बीजेपी आमने-सामने हैं। और अगर यादव पिछड़े, मुस्लिम और युवाओं का समर्थन हासिल करने में कामयाब हो जाते हैं, तो बीजेपी की हैट्रिक की उम्मीदों पर पानी फिर सकता है।
चुनावी चौपाल के नतीजों से ये तय है कि पूर्णिया सदर सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। जनता बदलाव के मूड में है या एक बार फिर बीजेपी को मौका देगी यह तो चुनाव परिणाम बताएंगे, लेकिन फिलहाल जितेंद्र यादव ने मुकाबले को पूरी तरह से बराबरी का बना दिया है।

