
पटना, 19 जनवरी (पटना डेस्क) जल संसाधन विभाग, बिहार सरकार द्वारा सोन नहर प्रणाली के अंतर्गत पूर्वी लिंक नहर के पुनर्स्थापन एवं लाईनिंग कार्य को युद्धस्तर पर पूरा किया जा रहा है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने और कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। नहर प्रणाली के आधुनिकीकरण से पुराने कमाण्ड क्षेत्रों का विस्तार हो रहा है और उन्नत सिंचाई नेटवर्क के माध्यम से क्षेत्र की कृषि संरचना को नई मजबूती मिल रही है।

कुल 10.20 किलोमीटर लंबी पूर्वी लिंक नहर का पुनर्स्थापन एवं लाईनिंग कार्य अब अंतिम चरण में है। इसके पूर्ण होते ही पटना मुख्य नहर और पूर्वी सोन उच्चस्तरीय नहर में जलश्राव की व्यवस्था और सुगम हो जाएगी। इससे नहर से जुड़े वितरण तंत्र के अंतिम छोर तक पानी पहुँचाना संभव होगा, जिससे किसानों को फसलों के लिए आवश्यक जल समय पर उपलब्ध हो सकेगा।परियोजना के तहत 7.46 किलोमीटर लंबी बिटुमिनस सेवापथ का निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका है, जिसे जनवरी 2026 तक पूर्ण कर लेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह सेवापथ नहर निरीक्षण के साथ-साथ ग्रामीण आवागमन को भी सुविधाजनक बनाएगा।इस योजना से 1539 हेक्टेयर कृष्य कमाण्ड क्षेत्र को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, जबकि 1,64,102 हेक्टेयर क्षेत्र अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होगा।

औरंगाबाद, गया, अरवल और पटना जिले के अनेक प्रखंडों के किसानों के लिए यह परियोजना वरदान सिद्ध होगी।जल संसाधन विभाग की सक्रियता, तकनीकी सुधार और आधुनिक प्रबंधन से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सिंचाई सुविधा समय पर किसानों तक पहुँचे। पूर्वी लिंक नहर परियोजना बिहार में सतत कृषि विकास और जल प्रबंधन की मजबूत मिसाल बनकर उभर रही है।

