समस्तीपुर, 1 सितम्बर (अशोक “अश्क”) पूर्व मध्य रेलवे के मुजफ्फरपुर से समस्तीपुर जंक्शन तक के रेलखंड को सोनपुर मंडल से हटाकर अब समस्तीपुर मंडल में शामिल कर दिया गया है। इस बदलाव की अधिसूचना 29 जुलाई को जारी हुई थी, जो एक सितंबर से पूरी तरह लागू हो गई है।

इस फैसले के तहत मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर रेलखंड के नौ स्टेशन अब समस्तीपुर मंडल के प्रशासनिक नियंत्रण में आए हैं। इनमें मुजफ्फरपुर, नारायणपुर अनंत, सिलौत, सिहो, ढ़ोली, दुबहा, विष्णुपुर बथुआ हाल्ट, खुदीराम बोस पूसा और कर्पूरीग्राम स्टेशन शामिल हैं। इस बदलाव के साथ समस्तीपुर मंडल में रेलवे स्टेशनों की संख्या बढ़कर 218 हो जाएगी। साथ ही, कर्पूरीग्राम और नारायणपुर रैक प्वाइंट के जुड़ने से मंडल में कुल रैक प्वाइंट की संख्या बढ़कर 41 हो जाएगी।
इस बदलाव से समस्तीपुर मंडल के मालगाड़ियों के संचालन में काफी सुधार होगा। अब तक मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर रेलखंड पर ट्रेनों के संचालन के लिए सोनपुर और समस्तीपुर मंडलों के बीच समन्वय जरूरी था। दोनों मंडलों की बातचीत के बाद ही ट्रेनों और मालगाड़ियों का परिचालन होता था। लेकिन अब पूरे रेलखंड का नियंत्रण समस्तीपुर मंडल के पास होगा, जिससे परिचालन अधिक सुगम और प्रभावी बनेगा।
समस्तीपुर मंडल रेल प्रबंधक ज्योति प्रकाश मिश्रा ने बताया कि यह बदलाव मंडल के लिए आर्थिक दृष्टि से भी लाभकारी होगा। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में समस्तीपुर मंडल को माल भाड़ा से 212.88 करोड़ रुपये की आय हुई थी, जबकि इस वित्तीय वर्ष में टिकट बिक्री से अब तक 346 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की गई है। नए स्टेशनों और रैक प्वाइंट्स के जुड़ने से आने वाले वर्षों में माल भाड़ा और टिकट बिक्री से अतिरिक्त आमदनी की उम्मीद है।
इसके अलावा, समस्तीपुर मंडल ने कुल 179 लाख यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया है। नई व्यवस्था से ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होगा, जिससे यात्रियों को भी फायदा मिलेगा। परिचालन में सख्ती आने से ट्रेनों की लेटलतीफी कम होगी और समय सारणी का बेहतर पालन हो सकेगा।
रामदयालु से बेलारी हॉल्ट और समस्तीपुर-रुसेरा घाट रेलखंड में आलापुर तक का संचालन भी अब सीधे समस्तीपुर मंडल के अधीन होगा, जिससे संचालन में और भी पारदर्शिता और सुगमता आएगी।
इस बदलाव से न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी, जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

