नई दिल्ली, 31 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) फेमिना मिस इंडिया 1994 प्रतियोगिता भारतीय पेजेंट इतिहास की सबसे यादगार प्रतियोगिताओं में से एक रही, जिसमें सुष्मिता सेन और ऐश्वर्या राय का नाम शीर्ष पर उभरा। सुष्मिता सेन ने मिस यूनिवर्स का खिताब जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया, वहीं ऐश्वर्या राय ने मिस वर्ल्ड का ताज अपने नाम कर देश का नाम रोशन किया। दोनों ही हसीनाओं ने अपने-अपने क्षेत्र में भारतीय प्रतिभा की झलक दिखाई।

इसी प्रतियोगिता में श्वेता मेनन और बर्खा मदान जैसी प्रतिभाएँ भी शामिल थीं। श्वेता मेनन ने फेमिना मिस इंडिया एशिया पैसिफिक का खिताब जीता और शीर्ष तीन में जगह बनाई। इसके बाद उन्होंने मॉडलिंग और अभिनय की दुनिया में कदम रखा। श्वेता ने हिंदी फिल्मों जैसे इश्क, अशोक और अनुराग में अभिनय किया, लेकिन उनका असली पहचान मलयालम सिनेमा से आया।

पलेरी मणिक्यम, सॉल्ट एन’ पेपर और ओझिमुरी जैसी फिल्मों के लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस के केरल राज्य फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया। इसके अलावा श्वेता ने लोकप्रिय टीवी शो स्टार सिंगर और राइजिंग स्टार को होस्ट किया और बिग बॉस मलयालम में भाग लेकर अपनी लोकप्रियता और बढ़ाई।

वहीं, बर्खा मदान ने मॉडलिंग और एक्टिंग की दुनिया में अनुभव प्राप्त किया, लेकिन साल 2012 में उन्होंने ग्लैमर छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाया। वह तिब्बती बौद्ध धर्म की ड्रिकुंग कग्यू वंश की भिक्षुणी बनीं और अपना नाम ग्याल्टेन सम्तेन रखा। अब बर्खा मदान हिमाचल प्रदेश में मठवासी जीवन व्यतीत कर रही हैं और लाइमलाइट से दूर अपने आध्यात्मिक जीवन में सक्रिय हैं।

इस प्रकार, फेमिना मिस इंडिया 1994 की प्रतियोगिता न केवल सुष्मिता सेन और ऐश्वर्या राय के लिए, बल्कि श्वेता मेनन और बर्खा मदान जैसी प्रतिभाओं के लिए भी जीवन में अलग-अलग मुकाम लेकर आई।

