बक्सर, 13 दिसम्बर (विक्रांत) डुमरांव प्रखंड कृषि कार्यालय के सभागार में शनिवार को बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम का नेतृत्व अनुमंडल कृषि पदाधिकारी वेदप्रकाश ने किया, जबकि संचालन प्रखंड कृषि पदाधिकारी श्रुति प्रिया ने संभाला। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, सरकारी योजनाओं और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी जानकारी देना था।कार्यक्रम में वीर कुंवर सिंह कृषि विश्वविद्यालय के दो विशेषज्ञ कृषि विज्ञानी भी उपस्थित रहे।

उन्होंने वैज्ञानिक खेती, फसल चक्र, उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक प्रयोग और कीट-रोग प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी दी। कृषि विज्ञानियों ने किसानों को पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ आधुनिक पद्धतियों को अपनाने की सलाह दी, ताकि उत्पादन बढ़ाने के साथ लागत को भी नियंत्रित किया जा सके।कृषि विभाग ने विशेष रूप से पराली न जलाने पर जोर दिया। प्रखंड कृषि पदाधिकारी श्रुति प्रिया ने बताया कि पराली जलाने से पर्यावरण और मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है। उन्होंने पराली प्रबंधन मशीनों, जैविक खाद बनाने और खेत में अवशेष मिलाकर खेती करने के विकल्प बताए।संगोष्ठी में किसानों ने खाद और बीज की समय पर उपलब्धता, बढ़ती लागत, कीट प्रकोप और उचित मूल्य न मिलने जैसी समस्याओं को उठाया। अधिकारियों ने समाधान सुझाए और तकनीकी मार्गदर्शन दिया। किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और पर्यावरण के अनुकूल खेती अपनाने की अपील की गई।किसानों ने कार्यक्रम को उपयोगी बताया और भविष्य में भी ऐसे संगोष्ठी आयोजित करने की मांग की।

