
पटना, 11 मार्च (सेंट्रल डेस्क) छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में बुधवार को नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी से जुड़े कुल 108 नक्सली कैडरों ने सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में 44 महिला और 64 पुरुष नक्सली शामिल हैं, जिन पर कुल 3.29 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।यह आत्मसमर्पण राज्य सरकार की “पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के तहत आयोजित कार्यक्रम में हुआ।

कार्यक्रम में राज्य के डीजीपी अरुण देव गौतम और एडीजी विवेकानंद सिन्हा मौजूद रहे। बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी, सीआरपीएफ, बीएसएफ और जिला पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरान उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा बरामद हथियारों और अन्य सामग्रियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न अभियानों में कुल 101 घातक हथियार बरामद किए गए हैं। इनमें एके-47, इंसास राइफल, एलएमजी और बीजीएल जैसे अत्याधुनिक हथियार शामिल हैं।सबसे चौंकाने वाली बरामदगी नकदी और सोने की रही।

अधिकारियों के मुताबिक, पहली बार नक्सल इतिहास में 3.61 करोड़ रुपये नकद और करीब 1.64 करोड़ रुपये मूल्य का एक किलो सोना बरामद किया गया है। इसे अब तक के नक्सल विरोधी अभियानों में सबसे बड़ी डंप बरामदगी माना जा रहा है।यह सभी हथियार और सामग्री बस्तर रेंज के बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, कोंडागांव और बस्तर जिलों में चलाए गए अलग-अलग अभियानों के दौरान बरामद की गई थी।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकार की पुनर्वास नीति और लगातार चल रहे सुरक्षा अभियानों का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। बड़ी संख्या में नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार यह सामूहिक आत्मसमर्पण बस्तर में शांति, विकास और स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

