नई दिल्ली, 15 नवम्बर (अशोक “अश्क”) बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री की सनातन एकता पदयात्रा मथुरा के कोसी क्षेत्र में शनिवार को पहुंची। इस दौरान शास्त्री ने कई विवादित और चर्चित बयान दिए। उन्होंने कहा कि “जिन्हें राम नाम, वंदे मातरम और जय श्रीराम से दिक्कत है, वे लाहौर का टिकट कटवा लें। अगर पैसे नहीं हैं, तो मैं उन्हें कर्ज लेकर टिकट करवा दूंगा।”

धीरेंद्र शास्त्री ने स्पष्ट किया कि वे किसी समुदाय के खिलाफ नहीं हैं। उनका विरोध उन लोगों से है जो राम और राष्ट्र के नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो राम का नहीं, वह किसी काम का नहीं। उन्होंने हिंदुओं द्वारा गीता, गंगा, संतों और पदयात्रा के विरोध पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जैसे शुगर होने पर शुगर टेस्ट करवाया जाता है, वैसे ही जो हिंदुओं का विरोध करते हैं, वे अपना डीएनए टेस्ट करवाएं।
इस अवसर पर पदयात्रियों ने राष्ट्रगान और वंदे मातरम के साथ एकजुट होने की शपथ ली। बाल्मीकि समाज ने धीरेंद्र शास्त्री का स्वागत गदा और चांदी के मुकुट पहनाकर किया।
पदयात्रा के दौरान शास्त्री की तबीयत कई बार खराब हुई। कोसीकलां की मंडी से शुरू हुई 15 किलोमीटर की यात्रा में कमजोरी के चलते उन्हें सड़क पर लेटना पड़ा। तेज बुखार और थकान के बावजूद उन्होंने विश्राम नहीं किया। डॉक्टरों ने आराम करने की सलाह दी थी, लेकिन सनातन प्रेमियों के उत्साह और समर्थन को देखते हुए उन्होंने पदयात्रा जारी रखी।
शास्त्री की यह यात्रा सनातन धर्म और रामभक्ति को बढ़ावा देने के साथ ही सामाजिक एकता का संदेश देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। इस पदयात्रा के माध्यम से वे युवाओं और समाज के सभी वर्गों को धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं।

