भागलपुर (सेंट्रल डेस्क) बिहार के भागलपुर जिले की अपनी खास पहचान है। गंगा व कोसी नदी के तट पर बसा भागलपुर अपनी संस्कृति व परंपरा के लिए जाना जाता है। यहां के गांवों की मिट्टी से न सिर्फ खेती की खुशबू आती है,बल्कि उम्मीद व बदलाव की किरण भी दिखती हैं। तसर रेशम व सिल्क भागलपुर को अपनी अलग पहचान दिलाती है। इसी कड़ी में तुलसीपुर गांव के हिस्से बड़ी सौगात आई है। छोटे केले उत्पादन के लिए मशहूर यह गांव अब विकास की नई राह पर कदम बढ़ाने वाला है।

दरअसल अरिस्टो फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक और बिहार के गौरव कहे जाने वाले उद्योगपति उमेश शर्मा उर्फ भोला बाबू ने तुलसीपुर को गोद लेने का ऐलान किया है। बाढ़ पीड़ितों की मदद व गांव को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह उनका यह बड़ा कदम माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार की धरती में असीम संभावनाएं छिपी हैं और अब समय आ गया है कि इसे विकास की ऊंचाइयों तक ले जाया जाए।
उद्योगपति उमेश शर्मा ने भागलपुर के तुलसीपुर गांव को गोद लेने के उपरांत कहा कि यहां विवाह भवन, स्कूल,आईटीआई केंद्र और केला फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जाएगी। इससे गांव का विकास और किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी।
बतादें कि भोला बाबू अभी तक 300 से ज्यादा गांवों को
गोद लिया है। वहां विकास कार्य शुरू कर चुके हैं। उनका मानना है कि बिहार से लाभ कमाने वाली कंपनियों को अपनी सीएसआर नीति के तहत राज्य के विकास में निवेश करना चाहिए। तुलसीपुर को गोद लेने के बाद उन्होंने भरोसा दिया कि जल्द ही यहां की तस्वीर बदल जाएगी।

