गोरखपुर, 6 सितंबर (अशोक “अश्क”) जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ और सुचारु बनाने के लिए 92 करोड़ 46 लाख 24 हजार रुपये की लागत से व्यापक सुधार कार्य किए जाएंगे। यह कार्य बिजनेस प्लान 2025-26 के तहत स्वीकृत किए गए हैं। इनमें महानगर के साथ-साथ ग्रामीण वितरण मंडल प्रथम और द्वितीय को भी शामिल किया गया है। निगम के अभियंता इन परियोजनाओं को जल्द शुरू कराने में जुटे हुए हैं।

सरहरी उपकेंद्र से जुड़े लगभग आठ हजार उपभोक्ता लंबे समय से बिजली आपूर्ति में आ रही समस्या से जूझ रहे हैं। यह उपकेंद्र महराजगंज के फरेंदा से जुड़ा है, जिसकी लंबी दूरी के कारण अक्सर आपूर्ति बाधित होती है। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए अब हरपुर उपकेंद्र से वैकल्पिक आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए तीन करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से 20 किलोमीटर लंबी 33 हजार वोल्ट की लाइन बिछाई जाएगी।
शाहपुर उपकेंद्र से जुड़े असुरन फीडर के तहत जेल रोड पर 400 केवीए के पहले से लगे ट्रांसफार्मर पर लोड अधिक हो जाने के कारण उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली नहीं मिल पा रही थी। अब यहां नए ट्रांसफार्मर की स्थापना कर आपूर्ति सामान्य की जाएगी।
महानगर क्षेत्र में एक नया उपकेंद्र बनाया जाएगा। वहीं, ग्रामीण वितरण मंडल प्रथम व द्वितीय और महानगर में कुल सात नई 33 हजार वोल्ट की लाइनें बिछाई जाएंगी। ग्रामीण वितरण मंडल प्रथम में दो, द्वितीय में एक और महानगर में एक उपकेंद्र की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी।
ग्रामीण वितरण मंडल प्रथम में 18, द्वितीय में 42 और महानगर में 55 नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। साथ ही, ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने का कार्य भी होगा—ग्रामीण वितरण मंडल प्रथम में 120, द्वितीय में 243 और महानगर में 39 ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की जाएगी।
इसके अलावा जर्जर तारों, केबलों, टेललेस यूनिट, रिंग मेन यूनिट आदि के कुल 241 कार्य पूरे जिले में कराए जाएंगे, जिससे बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।
खर्च का ब्योरा:
महानगर वितरण मंडल: ₹61 करोड़ 99 लाख 70 हजार
ग्रामीण वितरण मंडल प्रथम: ₹16 करोड़ 75 लाख 43 हजार
ग्रामीण वितरण मंडल द्वितीय: ₹13 करोड़ 71 लाख 11 हजार
इस व्यापक योजना के क्रियान्वयन से जिले की बिजली व्यवस्था में लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान होने की उम्मीद है।

