पटना, 13 नवम्बर (पटना डेस्क) बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले एग्जिट पोल ने सियासी हलचल तेज कर दी है। टुडेज चाणक्य के ताजा एग्जिट पोल के मुताबिक इस बार आरजेडी के पारंपरिक “माई” (मुस्लिम-यादव) वोट बैंक में एनडीए ने अप्रत्याशित सेंधमारी की है। आमतौर पर यह तबका तेजस्वी यादव के महागठबंधन का मजबूत समर्थन आधार माना जाता था, लेकिन सर्वे के आंकड़े चौंकाने वाले हैं।

इस सर्वे के अनुसार, इस बार 23 फीसदी यादव मतदाताओं ने एनडीए को वोट दिया है, जबकि महागठबंधन को 67 फीसदी समर्थन मिला है। वहीं, मुस्लिम वोटर्स के 12 फीसदी वोट भी एनडीए को मिले हैं, जबकि 69 फीसदी मुस्लिम मतदाताओं ने महागठबंधन के पक्ष में मतदान किया। यह बदलाव बिहार की सियासत के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है।
दलित वोटर्स के बीच भी एनडीए का प्रदर्शन मजबूत दिख रहा है। सर्वे बताता है कि 58 फीसदी एससी मत एनडीए को मिले हैं, जबकि 26 फीसदी महागठबंधन के पक्ष में गए। इसके अलावा, ब्राह्मण, बनिया और राजपूत समुदाय के 63 फीसदी मत एनडीए को मिले हैं। ओबीसी और ईबीसी वर्ग के 55 फीसदी मतदाताओं ने भी एनडीए को तरजीह दी है।
एग्जिट पोल के अनुसार, पहली बार लालू प्रसाद यादव के पारंपरिक वोटर बीजेपी-जेडीयू गठबंधन की ओर झुकते दिख रहे हैं। यह बदलाव अगर नतीजों में दोहराया गया, तो बिहार की राजनीति में यह ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है।

