
पटना, 02 फरवरी (अविनाश कुमार) बिहार के लिए ऐतिहासिक सौगात की घोषणा करते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़ा ऐलान किया है। बिहार में पहली बार बुलेट ट्रेन दौड़ने जा रही है, जो वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक चलेगी। इसके लिए अत्याधुनिक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। रेल मंत्री ने कहा कि यह परियोजना बिहार के लिए “गेम-चेंजर” साबित होगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देगी।यह घोषणा यूनियन बजट 2026-27 के ठीक एक दिन बाद की गई है।

बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया था, जिनमें वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर भी शामिल है। सोमवार, 2 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेल मंत्री ने बताया कि इन सातों कॉरिडोर पर लगभग 16 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे।फिलहाल वाराणसी से सिलीगुड़ी तक का सफर सामान्य ट्रेनों से 14 से 18 घंटे का है, लेकिन बुलेट ट्रेन से यही दूरी महज 2 घंटे 55 मिनट में तय होगी। ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 300 से 350 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। यह कॉरिडोर बिहार के बक्सर, आरा, पटना, कटिहार और किशनगंज जैसे जिलों से होकर गुजरेगा।

पटना में एक बड़ा स्टेशन बनाया जाएगा।रेल मंत्री ने बताया कि बिहार में अभी 14 वंदे भारत और 21 अमृत भारत ट्रेनें चल रही हैं। नई बुलेट ट्रेन से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, व्यापार और पर्यटन को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। दिल्ली से वाराणसी की दूरी भी सिर्फ 3 घंटे 50 मिनट में तय हो सकेगी, जिससे दिल्ली, यूपी, बिहार और बंगाल के बीच नया इकोनॉमिक कॉरिडोर बनेगा। सिलीगुड़ी उत्तर-पूर्व का प्रवेश द्वार है, ऐसे में यह परियोजना पूरे पूर्वोत्तर भारत के विकास में अहम भूमिका निभाएगी।

