पटना, 28 नवम्बर (पटना डेस्क) विधानसभा चुनाव 2025 में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस की दिल्ली में आयोजित समीक्षा बैठक में नेताओं ने हार का पूरा ठीकरा आरजेडी और तेजस्वी यादव पर फोड़ दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की मौजूदगी में हारने वाले कई प्रत्याशियों ने दो टूक कहा कि बिहार में आरजेडी का मतलब अब भी “जंगल राज” की छवि से जुड़ा है, जिसकी वजह से कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा। उनका कहना था कि लालू–राबड़ी राज की याद आते ही मतदाता डर जाते हैं और गठबंधन के कारण कांग्रेस को वोट देने से परहेज करते हैं।

नेताओं ने कहा कि वोटर अधिकार यात्रा के बाद कांग्रेस के पक्ष में माहौल बन चुका था, लेकिन महागठबंधन की निष्क्रियता से जुड़ा संदेश मतदाताओं में तेजी से फैला। तेजस्वी यादव की बाद की यात्राओं में महागठबंधन के दलों को शामिल न करने से भी गलत संदेश गया। कई प्रत्याशियों ने यह भी कहा कि आरजेडी के चुनावी गानों पर पीएम मोदी के तंज ने कांग्रेस समर्थक मतदाताओं, विशेषकर महिलाओं, को डरा दिया।
बैठक में यह भी उठाया गया कि तेजस्वी को चुनाव पूर्व मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करना रणनीतिक भूल थी। लगभग सभी प्रत्याशियों ने कहा कि अगर कांग्रेस अकेले लड़ती तो परिणाम बेहतर होते। सीमांचल में AIMIM और भाजपा द्वारा हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण और नीतीश सरकार द्वारा महिलाओं को चुनाव पूर्व आर्थिक लाभ देने को भी हार का कारण बताया गया।
राहुल गांधी और खरगे ने प्रत्याशियों से अलग-अलग समूहों में बात की और सभी की रिपोर्ट ली। कटिहार के सांसद तारिक अनवर ने बताया कि कांग्रेस अब बिहार को लेकर नया रोडमैप तैयार करेगी।

