पटना, 15 अक्तूबर (सेंट्रल डेस्क) बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के भीतर असंतोष गहराता जा रहा है। गठबंधन के घटक दल राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) ने सीट बंटवारे को लेकर तीखी नाराजगी जताई है। पार्टी का कहना है कि पहले एनडीए में हुई सहमति के तहत रालोमो को छह विधानसभा सीटें दी गई थीं, जिन पर उसने अपने उम्मीदवार भी तय कर दिए थे।मंगलवार देर शाम पार्टी को सूचना मिली कि महुआ सीट लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और दिनारा सीट जदयू को दे दी गई है।

इस बदलाव से असंतुष्ट रालोमो ने भाजपा और एनडीए के प्रत्याशियों के नामांकन में शामिल न होने का निर्देश अपने कार्यकर्ताओं को दिया है।रालोमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, जो पटना से सासाराम जा रहे थे, इस खबर के बाद बीच रास्ते से ही लौट आए। उन्होंने बुधवार दोपहर 12.30 बजे पार्टी नेताओं की आपात बैठक भी बुलाई है, ताकि आगे की रणनीति तय की जा सके।रालोमो ने महुआ से उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र दीपक कुशवाहा और दिनारा से आलोक सिंह को उम्मीदवार घोषित किया था। लेकिन इन सीटों में बदलाव से पार्टी में भारी रोष है।पार्टी के महासचिव फजल इमाम मल्लिक ने स्पष्ट कहा कि यदि छह में से भी सीटें छीनी जाती हैं, तो यह अस्वीकार्य है। एनडीए में यह दरार आने वाले चुनावी समीकरणों को गहरा असर दे सकती है।

