नई दिल्ली, 7 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों का एलान सोमवार को कर दिया गया, जिसके साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता भी प्रभावी हो गई है। चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह घोषणा की गई। इस प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो अंततः सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।

SIR प्रक्रिया की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आज मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट अंतिम सुनवाई करेगा। यह सुनवाई न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ द्वारा की जाएगी। पहले चुनाव आयोग के अनुरोध पर इस मामले की सुनवाई स्थगित की गई थी, क्योंकि आयोग ने तर्क दिया था कि 1 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद ही इस पर विचार करना उपयुक्त होगा।
अब चुनाव आयोग ने अंतिम सूची जारी कर दी है, जिसमें 7.43 करोड़ मतदाता शामिल हैं, जिनमें 14 लाख नए मतदाता पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
गैर-सरकारी संगठन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और अन्य याचिकाकर्ताओं ने SIR प्रक्रिया की पारदर्शिता और वैधता पर सवाल उठाए थे। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले पर अंतिम सूची के प्रकाशन से पहले सुनवाई की मांग की थी।
हालांकि पीठ ने स्पष्ट किया कि अंतिम सूची का प्रकाशन न्यायिक समीक्षा में बाधा नहीं बनेगा और यदि कोई अवैधता पाई गई तो वह हस्तक्षेप करने से पीछे नहीं हटेगी। अब सबकी निगाहें आज की सुनवाई पर टिकी हैं।

