पटना, 03 नवम्बर (पटना डेस्क) बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में इस बार राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार में ही एक ‘दिलचस्प सियासी जंग’ देखने को मिल रही है। उनके दोनों बेटे, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव, अब खुलकर एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में हैं। एक ओर जहां तेजस्वी यादव महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं, वहीं दूसरी ओर बड़े भाई तेज प्रताप यादव अपनी नई पार्टी ‘जनशक्ति जनता दल (JJD)’ के बैनर तले ताल ठोक रहे हैं। तेज प्रताप ने वैशाली जिले की महुआ सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया है। यह वही सीट है, जिससे तेज प्रताप ने 2015 में बतौर राजद प्रत्याशी जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार राजद ने यहां से मुकेश रौशन को टिकट दिया है।

रविवार को तेजस्वी यादव महुआ पहुंचे और वहां जनसभा को संबोधित करते हुए अपने उम्मीदवार मुकेश रौशन के लिए वोट मांगे। तेजस्वी ने अपने भाषण में साफ शब्दों में कहा, “पार्टी से बड़ा कोई नहीं होता। लालू जी ने जिसे टिकट दिया है, वही असली प्रत्याशी है। किसी को भी भ्रम में नहीं रहना चाहिए। राजद की पहचान जनता की सेवा और गरीबों के अधिकार की लड़ाई से है।”
तेजस्वी के इस बयान के कुछ ही घंटों बाद, तेज प्रताप यादव ने पलटवार किया। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी करते हुए उन्होंने तीखे अंदाज़ में जवाब दिया। तेज प्रताप ने कहा, “हमारे छोटे और नादान भाई तेजस्वी ने महुआ में कहा कि पार्टी से बड़ा कोई नहीं होता, लेकिन हम अपने छोटे भाई को यह कहना चाहेंगे कि पार्टी से बड़ी हमारी जनता मालिक होती है। लोकतंत्र में सबसे बड़ी केवल जनता होती है, न कि कोई पार्टी या परिवार।” उन्होंने महुआ को अपनी राजनैतिक कर्मभूमि बताते हुए इसे पार्टी और परिवार दोनों से कहीं बढ़कर बताया।
तेज प्रताप ने महुआ की जनता से भारी मतों से जीता कर सदन भेजने की अपील की और कहा, “जनता ने अगर चाहा, तो महुआ से परिवर्तन की नई शुरुआत होगी।” अब, तेजस्वी के महुआ में प्रचार के जवाब में, तेज प्रताप यादव ने भी संकेत दिया है कि वह जल्द ही लालू-राबड़ी परिवार की परंपरागत राघोपुर सीट जाएंगे, जहां से तेजस्वी यादव खुद चुनाव लड़ रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि लालू परिवार का यह सियासी संग्राम अब राज्य की दो महत्वपूर्ण सीटों पर केंद्रित हो गया है।

