पटना30 अगस्त (अशोक “अश्क”) बिहार पुलिस के जवानों के लिए सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। अब, ड्यूटी के दौरान किसी पुलिसकर्मी की दुर्घटना में मौत होने पर उनके परिवार को 1.50 करोड़ रुपये तक का बीमा मिल सकेगा। यह सुविधा पुलिस महकमे के सभी रैंक के कर्मियों को मिल रही है, और यह उनके वेतन पैकेज के तहत बैंक ऑफ बड़ौदा से प्रबंधित की गई है। इस नए पैकेज में ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में मौत होने पर डेढ़ करोड़ रुपये का बीमा कवर शामिल है।
हाल ही में, राज्य के पुलिस कर्मियों की सैलरी खाते भी बैंक ऑफ बड़ौदा में स्थानांतरित कर दिए गए हैं, ताकि उन्हें इस तरह के लाभ की समुचित सुविधा मिल सके। एडीजी (बजट, अपील और कल्याण) डॉ. कमल किशोर सिंह ने इस फैसले की जानकारी दी और कहा कि यह कदम पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए सरकार का एक बड़ा प्रयास है।

इससे पहले, पटना के अटल पथ पर हुए एक दुखद हादसे का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले एक गाड़ी ने महिला सिपाही कोमल को कुचल दिया था, जब वह वाहन चेकिंग में जुटी हुई थीं। इस दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद सरकार ने पुलिसकर्मियों के लिए अनुग्रह राशि और अन्य सरकारी सुविधाएं प्रदान करने के उपायों पर ध्यान दिया।
डॉ. कमल किशोर सिंह ने बताया कि पुलिसकर्मियों के लिए विभाग ने परोपरकारी कोष, शिक्षा कोष और स्वास्थ्य कोष जैसे कई विशेष फंड्स भी बनाए हैं, जिससे समय-समय पर जरूरतमंद पुलिसकर्मियों को आर्थिक सहायता मिलती है। साथ ही, असमय मृत्यु होने पर परिजनों को सालाना 24 हजार रुपये का सहायता पैकेज भी दिया जाता है। इस वर्ष 83 परिवारों को इस कल्याण कोष से 32 लाख रुपये की सहायता दी गई है।
उदाहरण के तौर पर, मोतिहारी के ट्रैफिक सिपाही मारगेट हंसदा की 2009 में मौत हो गई थी। अब उनकी बेटी को अनुकंपा पर नौकरी दी गई है, जो इस सरकारी पहल का एक और उदाहरण है।
सरकार के इन कदमों से पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए एक नई उम्मीद जगी है और उनके कल्याण के लिए एक मजबूत सिस्टम तैयार किया गया है।

