
पटना, 13 जनवरी (पटना डेस्क) बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बड़ी और राहत भरी तस्वीर सामने आई है। वर्ष 2025 में राज्य में गंभीर हिंसक अपराध 25 सालों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार हत्या, डकैती, दंगे और लूट जैसे अपराधों में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है। यह जानकारी पिछले सप्ताह पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने साझा की थी।आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2001 में जहां 3,619 हत्याएं दर्ज की गई थीं, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर 2,556 रह गई है।

डकैती के मामलों में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। 2004 में 1,297 मामलों से घटकर 2025 में यह आंकड़ा सिर्फ 174 रह गया, यानी 80 प्रतिशत से अधिक की कमी। दंगों के मामलों में भी बड़ा बदलाव दिखा है। 2014 में 13,566 मामलों के बाद 2025 में यह संख्या 2,502 पर सिमट गई।हालांकि बलात्कार के मामलों में स्थिति अलग रही। 2000 में 746 मामलों से बढ़कर 2024 में 2,205 तक पहुंचे ये आंकड़े 2025 में थोड़ा घटकर 2,025 हुए। विशेषज्ञ इसे रिपोर्टिंग बढ़ने और सामाजिक जागरूकता से जोड़ रहे हैं।

हिंसक अपराध घटे हैं, लेकिन चोरी, साइबर अपराध और आर्थिक अपराधों में बढ़ोतरी से कुल अपराध संख्या बढ़ी है। 2025 में पुलिस ने 3.61 लाख से अधिक गिरफ्तारियां कीं, 4,963 अवैध हथियार जब्त किए और 74 हथियार फैक्ट्रियां बंद कीं। पुलिस का दावा है कि यह बदलाव सख्त कार्रवाई और रणनीतिक पुलिसिंग का नतीजा है।

