पटना, 11 सितंबर (अशोक “अश्क”) बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर से बदल गया है। बुधवार की शाम से ही राज्य के कई जिलों में मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी थी और गुरुवार को इसका असर और तेज़ दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बिहार के 11 जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार अगले 48 से 72 घंटे तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से लेकर मध्यम स्तर की बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

जिन जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, उनमें पटना, किशनगंज, पूर्वी चंपारण, वैशाली, शिवहर, गोपालगंज, सारण, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और सीवान शामिल हैं। इन इलाकों में तेज़ बारिश के साथ-साथ बिजली चमकने, ठनका गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की भी संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर एरिया इस परिवर्तन का प्रमुख कारण है। इस सिस्टम की वजह से नमी से भरी हवाएं पटना और अन्य जिलों की ओर बढ़ रही हैं, जिससे बारिश की संभावना बढ़ गई है।
गुरुवार सुबह से ही राजधानी पटना समेत कई जिलों में घने बादल छाए रहे। पटना के कई इलाकों में सुबह-सुबह झमाझम बारिश हुई, जिससे उमस भरी गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन सड़कों पर जलजमाव की स्थिति भी देखने को मिली। मौसम विभाग ने पूरे दिन के लिए बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है।
लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा नदी के जलस्तर में भी तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में हो रही भारी बारिश और प्रयागराज तथा वाराणसी में गंगा के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। इसके प्रभाव से बिहार के कई निचले इलाके बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है और तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
वहीं, मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। खासतौर पर किसानों को सलाह दी गई है कि वे खुले खेतों में कार्य न करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। ठनका गिरने की घटनाओं को देखते हुए भी चेतावनी जारी की गई है।
राज्य में अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही मौसम बना रह सकता है। ऐसे में जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है, साथ ही प्रशासन को भी संभावित बाढ़ से निपटने के लिए पहले से तैयार रहने की ज़रूरत है।

