नई दिल्ली, 23 सितम्बर (अशोक “अश्क”) बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कभी भी हो सकता है और राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं। इसी क्रम में देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक बार फिर बिहार का दौरा करने जा रहे हैं। उनका यह दौरा आगामी 27 सितंबर को होगा, जिसमें वह राज्य के तीन प्रमुख जिलों अररिया, सारण और वैशाली में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे।

गौरतलब है कि 10 दिनों के अंदर अमित शाह का यह दूसरा बिहार दौरा होगा। इससे पहले18 सितंबर को उन्होंने डेहरी ऑनसोन और बेगूसराय में बैठक कर 20 जिलों के भाजपा पदाधिकारियों को संबोधित किया था। यह दौरे स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि भाजपा ने चुनावी तैयारियों को लेकर पूरी ताकत झोंक दी है।
भाजपा ने बिहार को पांच चुनावी जोनों में बांटकर रणनीति तैयार की है। 18 सितंबर को दो जोनों की बैठकें संपन्न हो चुकी हैं और अब 27 सितंबर को शेष तीन जोनों के संबंधित जिलो की बैठकें होने जा रही हैं। इन बैठकों में अमित शाह संगठन की मजबूती, बूथ स्तर पर तैयारियों, संभावित उम्मीदवारों और चुनावी मुद्दों को लेकर चर्चा करेंगे।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, अमित शाह इन बैठकों के दौरान जिलों के वरिष्ठ पदाधिकारियों से फीडबैक भी लेंगे और ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय करेंगे। साथ ही, पार्टी को एकजुट रखने और गठबंधन को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
बिहार चुनाव को लेकर भाजपा में बैठकों का सिलसिला पिछले कुछ समय से लगातार जारी है। तीन सितंबरको भी अमित शाह ने दिल्ली में बिहार भाजपा नेताओं के साथ अहम बैठक की थी, जिसमें संगठनात्मक स्थिति और चुनावी समीकरणों पर मंथन हुआ था।
कुल मिलाकर, अमित शाह के दौरों से साफ है कि भाजपा बिहार चुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है और हाई लेवल रणनीति के तहत लगातार ज़मीनी कार्यकर्ताओं से संवाद कर रही है।

