गोपालगंज, 13 अक्तूबर (निज संवाददाता) बिहार विधानसभा चुनाव के सफल, निष्पक्ष और पारदर्शी आयोजन हेतु सोमवार को सर्किट हाउस में प्रवर्तन एजेंसियों के नोडल पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त व्यय प्रेक्षक हीरा राम चौधरी व व्यय प्रेक्षक वैजले सोमनाथ मच्छिंद्र ने संयुक्त रूप से किया। बैठक में जिले की सभी प्रवर्तन एजेंसियों जैसे परिवहन विभाग, उत्पाद एवं मद्य निषेध, पुलिस विभाग, राज्य कर (SGST), केंद्रीय कर (CGST), रेलवे पुलिस (GRP) आदि के नोडल पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य चुनाव के दौरान निर्वाचन व्यय नियंत्रण के लिए प्रवर्तन कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाना था।

प्रेक्षकों द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश
- जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश:सभी जांच दलों को समय पर आवश्यक ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। सीमावर्ती क्षेत्रों में नियमित जांच अभियान चलाकर अनधिकृत वाहनों के आवागमन पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए।
- राज्य कर (SGST) नोडल पदाधिकारी को निर्देश:
प्रवर्तन कार्रवाई को और सख्ती से लागू किया जाए।
अवैध रूप से परिवहित माल की जांच व जब्ती की संख्या बढ़ाई जाए।
सभी कार्रवाइयों की रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत की जाए। - उत्पाद एवं मद्य निषेध अधीक्षक को निर्देश:
जब्ती की मात्रा में वृद्धि की जाए।
संवेदनशील विधानसभा क्षेत्रों में विशेष रूप से सघन जांच अभियान चलाए जाएं।
अधीक्षक द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में जिले के लगभग 25 जांच चौकियों पर सतत प्रवर्तन कार्य हो रहा है। - पुलिस विभाग (नोडल पदाधिकारी) को निर्देश:
Flying Squad और Static Surveillance Team (SST) में पुलिस बल की समुचित प्रतिनियुक्ति की जाए।
जांच के समय किसी भी प्रकार की कमी या विलंब न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। - केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग को निर्देश:
प्रवर्तन गतिविधियों की सघनता में बढ़ोतरी की जाए।
जब्ती के आंकड़े और रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत की जाएं। - Government Railway Police (GRP) को निर्देश:
रेलवे परिसरों में नियमित और सघन जांच की जाए। रेलवे प्लेटफॉर्मों के प्रमुख स्थलों पर CCTV कैमरे लगाने के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा जाए। रेलवे परिसर में निगरानी बढ़ाकर निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले अवैध माल के परिवहन पर सख्त रोक लगाई जाए।
ESMS App पर सूचना अद्यतन का निर्देश
सभी प्रवर्तन एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि ESMS App (Expenditure Sensitive Monitoring System) पर जब्ती से संबंधित सभी जानकारी समय पर अपलोड की जाए। इसके अलावा, यदि किसी एजेंसी को तकनीकी परेशानी होती है, तो व्यय लेखा अनुश्रवण कोषांग को तुरंत सूचित कर सहायता प्राप्त करने को कहा गया।
-जनता को असुविधा न हो, इस पर विशेष ध्यान रखने की हिदायत
बैठक के अंत में व्यय प्रेक्षक महोदय ने सभी एजेंसियों को यह निर्देश दिया कि चुनाव के दौरान प्रवर्तन कार्रवाई करते समय आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। जांच कार्य कानून के अनुसार हो। उसमें मानवीय संवेदना और संवेदनशीलता बनी रहे।

