पटना, 02 दिसम्बर (पटना डेस्क) 18वीं बिहार विधानसभा के पहले दिन शपथ ग्रहण के दौरान ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसने सदन को कई बार मुस्कुराने और कई बार चौंकने पर मजबूर कर दिया। प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव बार-बार विधायकों को सही उच्चारण और सही पन्ना पढ़ने का निर्देश देते रहे, लेकिन कई विधायक शपथ पढ़ने में बुरी तरह उलझ गए।

सबसे अधिक चर्चा नवादा की विधायक एवं बाहुबली राजबल्लभ की पत्नी विभा देवी को लेकर हुई। शपथ पढ़ते-पढ़ते वह अटक गईं और सामने बैठीं पूर्व विधायक मनोरमा देवी से धीमी आवाज़ में बोलीं—“छुटकी पढ़ ना, बता ना…”। इसके बाद मनोरमा देवी ने उनका शपथ-पत्र पकड़कर मदद की। इस दौरान आसपास बैठे विधायक मुड़-मुड़कर यह नज़ारा देखते रहे।वहीं, बाहुबली अशोक महतो की पत्नी अनीता ने अपने शपथ-पत्र से अलग पन्ना पढ़ना शुरू कर दिया। वह बुद्ध और अंबेडकर का नाम जोड़ने लगीं, जिस पर प्रोटेम स्पीकर ने तुरंत टोका और उन्हें पुनः सही शपथ दिलाई। वह पहली बार सदन में पहुंची हैं।पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी भी शपथ में अटक गईं और दो बार में शपथ पूरी कर सकीं। कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास को तीन प्रयास करने पड़े। इसी तरह कृष्णनंदन पासवान ने एक साथ ईश्वर और सत्यनिष्ठा दोनों की शपथ लेने की कोशिश की, लेकिन स्पीकर ने रोका—एक विकल्प चुनना होगा। सुधार के बाद उन्हें शपथ दिलाई गई।शपथ के बाद रामकृपाल यादव का तेजस्वी यादव को गले लगाना सदन में राजनीतिक चर्चाओं का नया सिलसिला शुरू कर गया।पूरी तरह डिजिटल बने सदन में विधायकों के सामने टैबलेट और दीवारों पर लाइव टेलीकास्ट की व्यवस्था थी। सदन की 85% सीटों पर एनडीए विधायक बैठे थे, जबकि विपक्षी बेंच के प्रथम स्थान पर तेजस्वी यादव नजर आए। पहले सत्र की कार्यवाही राज्यपाल के संदेश के बाद शपथ ग्रहण प्रक्रिया के साथ शुरू हुई।

