बक्सर, 24 नवम्बर (विक्रांत) छठे अंतरराष्ट्रीय एग्रोनॉमी कांग्रेस में बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर ने देश-विदेश में अपनी वैज्ञानिक प्रतिष्ठा को नया आयाम देते हुए एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। विश्वविद्यालय के निदेशक (अनुसंधान) डॉ. अनिल कुमार सिंह को कृषि विज्ञान में उत्कृष्ट नेतृत्व और योगदान के लिए प्रतिष्ठित IMA/ISA गोल्ड मेडल 2025 से सम्मानित किया गया।

यह सम्मान भारतीय सस्य विज्ञान सोसायटी द्वारा नई दिल्ली स्थित सीएसआईआर–नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी में आयोजित कांग्रेस के दौरान प्रदान किया गया।“स्मार्ट एग्रो-फूड सिस्टम्स एवं पर्यावरणीय संरक्षण के लिए एग्रोनॉमी की पुनःपरिकल्पना” विषय पर आधारित इस अंतरराष्ट्रीय मंच में 100 विदेशी प्रतिनिधियों सहित 1,000 से अधिक कृषि वैज्ञानिकों, नवाचार विशेषज्ञों व नीति-निर्माताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान, कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी और देश के प्रमुख कृषि वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

आईएसए गोल्ड मेडल भारतीय कृषि अनुसंधान के उच्चतम मानकों का प्रतीक माना जाता है। डॉ. सिंह ने अपने वैज्ञानिक सफर की शुरुआत आईसीएआर–एनबीपीजीआर, श्रीनगर से की और बाद में आईसीएआर–आरसीईआर, पूसा में महत्वपूर्ण दायित्व निभाया। 2023 से बीएयू सबौर में अनुसंधान निदेशक के रूप में वे 18 विभागों, 10 कृषि महाविद्यालयों और 15 अनुसंधान स्टेशनों का सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रहे हैं। उनके नाम 6 उन्नत फसल किस्में, 09 पेटेंट, 18 कॉपीराइट, 200 से अधिक शोध-पत्र, 18 पुस्तकें और 241 तकनीकी प्रकाशन दर्ज हैं। उन्होंने स्टार्टअप संवर्धन, जीआई उत्पाद संरक्षण तथा मखाना विकास जैसे क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है।कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने इसे “बिहार की वैज्ञानिक प्रतिष्ठा का स्वर्ण अध्याय” बताया। सम्मान ग्रहण करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि पूरी वैज्ञानिक टीम और किसानों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिणाम है, तथा उनका लक्ष्य पूर्वी भारत की कृषि को अधिक आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाना है।

