नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (अशोक “अश्क”) फिल्म अभिनेत्री से साध्वी बनीं ममता कुलकर्णी फिर से सुर्खियों में आ गईं, जब उनसे गोरखपुर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से संबंध के बारे में सवाल किया गया। हालांकि, ममता ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि उनका कभी दाऊद के साथ कोई संबंध नहीं था। उनका संबंध गैंगस्टर विकी गोस्वामी से था, जिस पर छोटा राजन के लिए काम करने का आरोप था। ममता ने यह बात एनडीटीवी को दस महीने पहले दिए इंटरव्यू में स्वीकार की थी।

90 के दशक में बॉलीवुड में ममता कुलकर्णी के दौर में एक अन्य अभिनेत्री का नाम डी-कंपनी से जुड़ा था। यहां बात मंदाकिनी की नहीं, बल्कि पाकिस्तानी अभिनेत्री अनीता अयूब की हो रही है। अनीता की 90 के दशक में तीन पहचानें थीं — बॉलीवुड अभिनेत्री, अंडरवर्ल्ड डॉन की माशूका और पाकिस्तानी जासूस। 1989 में उन्होंने मिस एशिया पैसिफिक प्रतियोगिता में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया। 1992 में उन्होंने पाकिस्तानी धारावाहिक गर्दिश से अभिनय की शुरुआत की और देव आनंद की फिल्म प्यार का तराना में प्रमुख भूमिका निभाई।

1994 में गैंगस्टर नामक फिल्म के दौरान उनकी जान-पहचान अंडरवर्ल्ड डॉन अनीस इब्राहिम से हुई, जो दाऊद का भाई था। अनीस ने अनीता को बॉलीवुड की बड़ी अभिनेत्री बनाने का वादा किया और फिल्म प्रोड्यूसर जावेद सिद्धिकी को निर्देश दिया कि वे अनीता को अपनी फिल्म में लें। लेकिन कुछ दिनों बाद विवाद हो गया, जावेद ने साइनिंग अमाउंट लौटाया और अनीता को फिल्म में शामिल नहीं किया। अनीस आगबबूला हो गया और अबू सलेम के माध्यम से जावेद की हत्या करवा दी गई।
इस घटना के बाद अनीता अयूब पुलिस की नजर में आ गईं। कुछ लोगों ने उन्हें पाकिस्तानी जासूस होने का शक भी जताया, खासकर तब जब 1993 में आईएसआई ने मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाके करवाए थे। इससे पहले कि जांच आगे बढ़ती, अनीता अमेरिका चली गईं और वहां दो शादियां कीं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर भारतीय जांच एजेंसियों ने उन्हें जासूस नहीं माना।

