
पूर्णिया वासी राजू को दल से नहीं दिल से जानते थे…काश आज राजू जिंदा होता
पूर्णिया:-21 फरवरी(राजेश कुमार झा)महज कुछ ही वर्षों में राजनीति में अपनी एक अलग पहचान बनाकर लोगों के दिलों में अपनी एक अलग जगह बना लेने वाला ऐसा शख्स राजनीति में बहुत कम पैदा होता है.काश आज राजू जिंदा होता?आज हम बात करने जा रहे है एक ऐसे शख्स की जिनके पास न कोई पॉलिटिकल बैकग्राउंड था और न ही इनका कोई पॉलिटिकल गॉड फादर था.ये आज अपनी मेहनत और ईमानदारी की वजह से आमजनों के दिलों में बस गया था.जी हां मैं राजनीति का वो चमकता सितारा राजू मंडल की बात कर रहा हूं.जो बहुत जल्द बुझ गया.जिन्हें लोग दल से नहीं दिल से जानते थे.बताते चलें कि बीती रात शुक्रवार की अहले सुबह तकरीबन तीन बजे साहेबपुर कमाल और पसराहा के बीच ट्रक और कार में इतनी जबरदस्त टक्कर हुई कि उसमें सवार पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि आसपास के लोग आवाज सुनकर पहुंच गए.किसी तरह सभी लोगों को निकाल कर लोकल थाने को खबर की गई.पुलिस ने अविलंब सभी को नजदीकी अस्पताल में ले गए.जहां एक लोग की मृत्यु हो गई एवं बांकी बचे चार लोगों को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया.मृतक की पहचान पूर्णिया जदयू युवा जिलाध्यक्ष राजू मंडल उम्र 31 साल हुई.जानकारी मिलते ही घर से लेकर चाहने वालों के बीच कोहराम मच गया.बताते चलें कि राजू मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे.जिस तरह इन्होंने राजनीति में कदम रखा और जिस मेहनत और ईमानदारी से जिस ऊंचाइयों तक पहुंचे.इनसे आने वाले युवा नेता को सीख लेनी चाहिए़ और राजू के नक्शे कदम पर चलकर इन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दें.

