नई दिल्ली, 05 नवम्बर (अशोक “अश्क”) भारतीय सेना द्वारा चलाए जा रहे बड़े पैमाने के युद्धाभ्यास ने पाकिस्तान में दहशत फैला दी है। सीमा के नजदीक भारतीय सैनिकों की सक्रियता से घबराई पाक सेना ने रेड अलर्ट घोषित कर दिया है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने सभी कमांडरों को आदेश दिया है कि वे सीमा से जुड़े हर घटनाक्रम की रियल-टाइम रिपोर्ट दें। साथ ही, पाकिस्तान की वायुसेना और नौसेना को भी अपने-अपने मोर्चों पर अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

पाकिस्तानी एयरबेसों पर तैनाती बढ़ा दी गई है, जबकि अरब सागर तट और ग्वादर पोर्ट पर निगरानी कड़ी कर दी गई है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का यह सैन्य अभ्यास रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, जिससे पाकिस्तान की सेना के शीर्ष नेतृत्व में चिंता बढ़ी है।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की नई रणनीतिक मिसाइल कमांड को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके। पाक थल सेना ने अपनी आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड को भी एक्टिव कर दिया है। सेना ने मिसाइल लॉन्च वाहनों को सुरक्षित अड्डों पर स्थानांतरित कर दिया है, ताकि आवश्यक होने पर जवाबी कार्रवाई तुरंत की जा सके।
पाकिस्तानी वायुसेना ने देशभर में निगरानी तेज कर दी है। करीब 20 लड़ाकू विमान लगातार गश्त कर रहे हैं, जबकि प्रतिदिन 50 से 60 जेट उड़ानें भरकर सीमा क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं। इसी तरह, पाक नौसेना ने अरब सागर, ग्वादर पोर्ट और समुद्री व्यापार मार्गों पर विशेष अलर्ट जारी किया है। हालांकि, भारत की विशाल ब्लू-वॉटर नेवी के मुकाबले पाकिस्तानी नौसेना छोटी है और फिलहाल तटीय रक्षा रणनीति पर काम कर रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान को अगले वर्ष चीन से आठ हैंगर श्रेणी की डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियां मिलने वाली हैं, जिनमें एयर इंडिपेंडेंट प्रपल्शन (AIP) प्रणाली लगी होगी। वहीं भारत के पास पहले से ही छह स्कॉर्पीन, छह किलो-क्लास और चार एचडीडब्ल्यू पनडुब्बियां हैं, जो उसे समुद्री मोर्चे पर बढ़त दिलाती हैं।
इस बीच, असीम मुनीर की रिटायरमेंट नजदीक आने के साथ ही पाक सरकार उनके कार्यकाल को संवैधानिक सुरक्षा देने के लिए 27वां संशोधन लाने की तैयारी में है, जिससे वे 2027 तक सेवा विस्तार पा सकते हैं।

