नई दिल्ली, 25 नवम्बर (अशोक “अश्क”) मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था 4,000 अरब अमेरिकी डॉलर के आंकड़े को पार कर जाएगी। उन्होंने बताया कि भूराजनीतिक उतार-चढ़ाव के दौर में वैश्विक व्यवस्था में अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखने के लिए भारत की तेज आर्थिक वृद्धि अत्यंत आवश्यक है। वर्तमान में लगभग 3,900 अरब डॉलर जीडीपी के साथ भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।

आईवीसीए ग्रीन रिटर्न्स समिट–2025 में मंगलवार को संबोधित करते हुए नागेश्वरन ने बताया कि मार्च 2025 के अंत तक भारतीय अर्थव्यवस्था 3,900 अरब डॉलर पर थी और इस वित्त वर्ष में इसके 4,000 अरब डॉलर का स्तर पार करने की पूरी संभावना है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को हरित बनाने के लिए ऊर्जा बदलाव, पर्यावरणीय चुनौतियों और जलवायु उतार-चढ़ाव से निपटने जैसी प्राथमिकताओं को निकट और मध्यम अवधि की आर्थिक नीतियों के साथ समन्वित करना होगा।
सीईए ने कहा कि भारत ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के संभावित प्रभावों—विशेषकर कृषि, पर्यावरण और तटीय क्षेत्रों पर—को लेकर गंभीर है। इसी कारण देश ने 2070 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है।

