नई दिल्ली, 24 नवम्बर (अशोक “अश्क”) वाणिज्य मंत्री ने कहा है कि भारत और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए फोकस एरिया की पहचान करना जरूरी है। क्रिटिकल मिनरल्स, क्रिटिकल एनर्जी, एयरोस्पेस, डिफेंस और मैन्युफैक्चरिंग ऐसे क्षेत्र हैं, जहां सहयोग को मजबूती दी जा सकती है।
मंत्री ने भारत के 500 GW के नेशनल पावर ग्रिड पर भी प्रकाश डाला, जिसमें 250 GW क्लीन एनर्जी शामिल है। उन्होंने बताया कि यह AI-आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवश्यक लचीलापन प्रदान करता है।

वर्ष 2030 तक क्लीन एनर्जी क्षमता को दोगुना करके 500 GW करने का लक्ष्य भारत को एक भरोसेमंद और सस्टेनेबल पार्टनर के रूप में प्रस्तुत करता है। मंत्री ने कहा कि भारत उन कुछ लोकतांत्रिक देशों में शामिल है, जो प्रतिस्पर्धी दरों पर 24 घंटे क्लीन एनर्जी उपलब्ध कराते हैं।
गोयल ने भारत की मजबूत आर्थिक नींव पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश “फ्रैजाइल फाइव” से निकलकर दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है। अगले दो-ढाई साल में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। पिछले 11 वर्षों में स्टॉक मार्केट लगभग साढ़े चार गुना बढ़ा है, जो निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।

