नई दिल्ली, 15 नवम्बर (अशोक “अश्क”) भारत में मुख्यमंत्री पद पर लंबे समय तक रहने वाले नेताओं की सूची में कई दिग्गज शामिल हैं। इस सूची में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम भी प्रमुख रूप से आता है। उन्होंने कुल 10 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जो राष्ट्रीय स्तर पर एक रिकॉर्ड है, जबकि उनके कुल कार्यकाल लगभग 19 वर्षों का है।

सूची में सबसे ऊपर सिक्किम के पवन कुमार चामलिंग हैं, जिन्होंने 24 वर्ष और 165 दिन तक लगातार मुख्यमंत्री पद संभाला। उनके बाद ओडिशा के नवीन पटनायक हैं, जिन्होंने पांच लगातार कार्यकाल पूरे किए और जून 2024 में पद छोड़ा, कुल कार्यकाल 24 वर्ष और 99 दिन रहा। पश्चिम बंगाल के कम्युनिस्ट नेता ज्योति बसु ने 23 वर्ष और 137 दिन राज्य का नेतृत्व किया।
पूर्वोत्तर से गेगोंग अपांग ने अरुणाचल प्रदेश में 22 वर्ष और 250 दिन तक मुख्यमंत्री रहे। मिजोरम के लाल थनहवला ने पांच अलग-अलग कार्यकालों में 22 वर्ष और 60 दिन तक राज्य का नेतृत्व किया। हिमाचल प्रदेश के वीरभद्र सिंह छह अलग-अलग कार्यकालों में 21 वर्ष और 13 दिन मुख्यमंत्री रहे।
त्रिपुरा के माणिक सरकार 19 वर्ष और 363 दिन तक मुख्यमंत्री रहे और CPM के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। तमिलनाडु के एम. करुणानिधि पांच अलग-अलग कार्यकालों में 18 वर्ष और 362 दिन तक मुख्यमंत्री रहे और राज्य की राजनीति में गहरी छाप छोड़ गए।
बिहार के नीतीश कुमार नौवें स्थान पर हैं, लगभग 19 वर्ष कार्यकाल के साथ, लेकिन सबसे अधिक बार (10 बार) मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज है। पंजाब के प्रकाश सिंह बादल पांच बार मुख्यमंत्री बने और 18 वर्ष 350 दिन तक इस पद पर रहे, साथ ही CM बनने वाले सबसे बुजुर्ग व्यक्ति का रिकॉर्ड भी उनके नाम है।
विश्लेषकों का कहना है कि ये सभी नेता अपने-अपने राज्यों में राजनीतिक स्थिरता और प्रशासनिक अनुभव का प्रतीक रहे हैं। नीतीश कुमार की उपलब्धि, 10वीं बार शपथ लेने की तैयारी, बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ने वाली है।

