
नई दिल्ली, 06 फरवरी (अशोक “अश्क”) भारत और मिडिल ईस्ट के छह देशों के समूह गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के बीच आर्थिक रिश्तों को नई मजबूती मिलने जा रही है। गुरुवार को भारत और जीसीसी देशों ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की बातचीत शुरू करने के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर कर दिए। यह कदम दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला माना जा रहा है।वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में हुए इस समझौते के तहत प्रस्तावित ट्रेड पैक्ट के दायरे, उद्देश्य और बातचीत की प्रक्रिया तय की गई है।

जीसीसी खाड़ी क्षेत्र के छह देशों—सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन—का एक प्रभावशाली आर्थिक समूह है।पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और जीसीसी देश पिछले 5,000 वर्षों से आपस में व्यापारिक रिश्तों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में करीब एक करोड़ भारतीय जीसीसी क्षेत्र में रहकर काम कर रहे हैं, जो दोनों क्षेत्रों के बीच मजबूत मानवीय और आर्थिक संबंधों को दर्शाता है। गोयल के अनुसार, अब समय आ गया है कि एक ठोस और व्यापक ट्रेड एग्रीमेंट के जरिए सामान और सेवाओं के मुक्त प्रवाह को बढ़ावा दिया जाए।उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रस्तावित एफटीए भारत की खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा। भारत जहां दुनिया के बड़े अनाज उत्पादकों में शामिल है, वहीं जीसीसी देश तेल और गैस के प्रमुख निर्यातक हैं।

इसके अलावा, इस साझेदारी से इंफ्रास्ट्रक्चर, पेट्रोकेमिकल, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में नए अवसर खुलेंगे।गौरतलब है कि भारत पहले ही मई 2022 में यूएई के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू कर चुका है। सरकार ने हाल के वर्षों में 38 विकसित देशों के साथ नौ ट्रेड समझौते भी अंतिम रूप दिए हैं, जो भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति को दर्शाता है।

