नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (अशोक “अश्क”) भारत और पाकिस्तान के बीच इस साल 7 से 10 मई के बीच भारी सैन्य संघर्ष हुआ था, जिसके बाद 10 मई को दोनों देशों ने संघर्षविराम पर सहमति जताई थी। हालांकि, तनाव अब भी बरकरार है। इस बीच पाकिस्तान ने सितंबर में सऊदी अरब के साथ एक अहम रक्षा समझौता किया है, जिसमें यह प्रावधान है कि किसी एक देश पर हमला दोनों पर हमला माना जाएगा।

इस समझौते के बाद सवाल उठ रहे हैं कि यदि भारत और पाकिस्तान के बीच फिर युद्ध हुआ तो क्या सऊदी अरब पाकिस्तान की तरफ से युद्ध में कूदेगा? इस पर पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार और विश्लेषक नजम सेठी ने साफ किया है कि सऊदी अरब की भूमिका सीमित रहेगी।
समा टीवी से बातचीत में सेठी ने कहा कि “सऊदी अरब पाकिस्तान को धन, तेल और कूटनीतिक समर्थन दे सकता है, लेकिन वह सैन्य मदद नहीं करेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि “अगर पाकिस्तान को लगता है कि चीन की तरह सऊदी भी भारत से युद्ध में मदद करेगा, तो वह गलतफहमी में है।”
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख द्वारा पाकिस्तान को चेतावनी दिए जाने के बाद पाकिस्तान में डर है कि भारत एक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाई कर सकता है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि भारत से युद्ध का खतरा “वास्तविक” है और पाकिस्तान इस पर बारीकी से नजर रखे हुए है।
22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने 7 मई को “ऑपरेशन सिंदूर” चलाकर पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। ख्वाजा आसिफ ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा दोबारा हुआ तो पाकिस्तान “पूरी ताकत से जवाब देगा।”

