
पूर्णिया, 09 जनवरी (राजेश कुमार झा) शहर के मरंगा थानाक्षेत्र के अंतर्गत धड़ल्ले से चल रहे बालू के अवैध कारोबार में आए दिन कुछ न कुछ घटनाएं हो रही है.इसके कई मामले भी थाने में दर्ज है. लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही देखी गई है. जिसकी वजह से गुंडागर्दी दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है. जबकि इसे रोकने के लिए थाना,खनन और परिवहन विभाग है.

लेकिन फिर भी इसे नहीं रोक पाना आश्चर्य की बात है.इससे साबित होता है कि या तो बालू माफिया बहुत ताकतवर है या सबों की मिलीभगत से और सबों की देखरेख में ये अवैध बालू कारोबार चल रहा है.बताते चलें कि पिछले दिनों शहर के एक बड़े नेता के बेटे पर सरेआम उनकी ही दुकान के आगे बालू माफियाओं ने गुंडागर्दी का धौंस दिखाते हुए धमकी देते हुए कहा कि चुपचाप रहकर धंधा करो, ज्यादा अल बलाओ मत,वरना धरती पर नहीं रह सकोगे.इस घटना के संज्ञान में आते ही शहर में खलबली मच गई. मामला थाने में दर्ज भी हो गया.मरंगा थाना मामले की छानबीन में जुट भी गई है.

लेकिन इस घटना के पीछे की वजह क्या थी.क्यों नेता जी के बेटे को ही टारगेट में लिया गया.बताते चलें कि मरंगा थानाक्षेत्र के अंतर्गत हर दिन सुबह 3 बजे से 7 बजे तक 300/400 बालू और गिट्टी का ट्रैक्टर लगता है.जिसे वहां के बालू माफिया का वरदहस्त मिलता है.जिसके बदले हर ट्रैक्टर से 400/500 रुपया अवैध वसूला जाता है.मतलब बालू माफिया के एक दिन की कमाई 2 लाख रुपया होता है. इन बालू माफियाओं का पूरा रैकेट इस धंधे में काम करता है.जिसे न पुलिस का डर और खनन एवं परिवहन विभाग का भय.सबसे बड़ी बात पुलिस, खनन और परिवहन विभाग मौन क्यों है.मरंगा थानाक्षेत्र के NH 31 सड़क के दोनों तरफ बालू,गिट्टी टैक्टर और ट्रक का इस तरह जाम लगा रहता है कि मानो किसी बड़ी दुर्घटना को निमंत्रण दे रही है.

