पटना, 14 सितंबर (मोहम्मद जमशेद) बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन में खींचतान तेज हो गई है. यहां कांग्रेस ने सीट बंटवारे को लेकर को अपने तेवर सख्त कर लिए हैं, जिससे आरजेडी नेता और विपक्ष के सीएम फेस तेजस्वी यादव की टेंशन बढ़ गई है. वहीं विकासशील इंसान पार्टी (VIP), पशुपति कुमार पारस की राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) और हेमंत सोरेन की झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के भी विपक्षी गठंबधन में एंट्री ने समीकरण और पेचीदा बना दिए हैं.बिहार में कांग्रेस राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा की सफलता से खासी उत्साहित है.

वह इस बार कम से कम 70 सीटों की मांग कर रही है. 2020 के चुनाव में उसने इतनी ही सीटें लड़ी थीं. हालांकि तब उसे महज 19 सीटों पर ही जीत मिली थी. दूसरी तरफ आरजेडी ने पिछले विधानसभा चुनाव में 144 सीटों पर चुनाव लड़ते हुए 75 पर जीत दर्ज कर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी. उस वक्त एनडीए ने 125 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी, जबकि महागठबंधन को 110 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा.
बिहार का विपक्षी महागठबंधन कुल आठ पार्टियों आरजेडी, कांग्रेस, भाकपा माले, सीपीएम, सीपीआई, वीआईपी, आरएलजेपी और जेएमएम का जमावड़ा बन सकता है. ऐसे में हर किसी को संतुष्ट करना आसान नहीं होगा. खासकर तब, जब कांग्रेस राहुल गांधी की सक्रियता के सहारे खुद को पहले से ज्यादा मजबूत दिखा रही है और तेजस्वी यादव को बराबरी से चुनौती दे रही है. यानी, बिहार चुनाव से पहले महागठबंधन का समीकरण RJD और तेजस्वी यादव के लिए टेंशन पर टेंशन लेकर आ रहा है.

