पूर्णिया, 30 अगस्त (राजेश कुमार झा) बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक ऐसा कदम उठाया है, जिसने विपक्ष को चौंका दिया है। इस कदम को राजनीतिक गलियारों में अब तक का सबसे बड़ा मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। दरअसल, नीतीश कुमार ने बिहार की महिलाओं के लिए महिला रोजगार योजना की घोषणा की है, जो उनके लिए स्वरोजगार के नए अवसर खोलने जा रही है।

इस योजना के तहत, बिहार की सभी वर्ग की महिलाएं स्वरोजगार शुरू करने के लिए 10,000 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता प्राप्त करेंगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को स्वावलंबी बनाना और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करना है। इस योजना के तहत महिलाएं घरेलू कुटीर उद्योग चला सकती हैं, चाहे वह सिलाई, बुनाई, हस्तशिल्प या अन्य किसी प्रकार का व्यापार हो।
इसके अलावा, योजना के तहत अगर कोई महिला अपनी मेहनत और कौशल से छह महीने तक अपने व्यवसाय को चला पाती है, तो उसे 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता राशि भी दी जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके द्वारा चलाए गए कुटीर उद्योगों को मजबूत करना है।
यह योजना 3 सितंबर से लागू होगी और आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल होगी। महिलाएं केवल अपने आधार कार्ड के साथ अपने नजदीकी अंचल कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकती हैं। इसके अलावा, आवेदन के लिए महिला के पास एक सक्रिय बैंक खाता होना जरूरी होगा, ताकि सहायता राशि सीधे उनके खाते में ट्रांसफर की जा सके।
नीतीश कुमार का यह कदम विपक्ष के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ है। विपक्ष ने इस योजना को चुनावी जुमला कहकर खारिज किया है, लेकिन बिहार सरकार का कहना है कि यह योजना राज्य की महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने और रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के लिए है।
महिला रोजगार योजना के माध्यम से बिहार की तकरीबन 2 करोड़ महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा। इस योजना से रोजगार की संभावनाओं के साथ-साथ राज्य की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। महिलाएं न केवल घर की खिचड़ी पकाने से बाहर निकलकर अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगी, बल्कि वे अन्य महिलाओं के लिए भी एक प्रेरणा बनेंगी।
यह योजना नीतीश कुमार के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम है, जिससे उनकी सरकार के विकास के एजेंडे को बल मिलेगा। महिलाओं को स्वावलंबी बनाकर राज्य के आर्थिक विकास को गति मिल सकती है, साथ ही सामाजिक बदलाव की दिशा में भी यह एक अहम पहल साबित हो सकती है।
नीतीश कुमार का यह मास्टर स्ट्रोक निश्चित रूप से राज्य की महिलाओं के जीवन में बदलाव लाएगा और बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में एक नया मोड़ लेकर आएगा।

