
पटना:-21 मार्च(राजेश कुमार झा)बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा में मनोनीत होने के बाद बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर सियासी गलियारे में भूचाल मच गया है.सभी पार्टियां जोड़-तोड़ की गणित में लगी हुई है.लेकिन अभी तक एनडीए घटक दलों में खुलकर कोई नहीं बता पा रहें कि बिहार का अगला नया मुख्यमंत्री कौन होगा.सभी छोटे से बड़े नेता सिर्फ और सिर्फ कयास ही लगा रहे है. बताते चलें कि बिहार की राजनीति में 10 अप्रैल का दिन कई मायनों में बहुत ही खास होने जा रहा है.क्योंकि बिहार विधानसभा चुनाव के 100 दिनों के बाद बिहार को अगला नया मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है.सबसे बड़ी बात ये है कि मुख्यमंत्री किसका होगा.भाजपा या जदयू में कौन ऐसे चेहरे होंगे.जिन्हें बिहार की कमान मिलेगी.एक तरफ नीतीश कुमार है,जिन्हें बिहार की राजनीति का चाणक्य कहा जाता है तो दूसरी तरफ अमित शाह है, जिन्हें भाजपा का चाणक्य कहा जाता है.दोनों लोग राजनीति के जोड़-तोड़ के माहिर खिलाड़ी कहा जाता है. लेकिन अंदर खाने की खबर ये है कि नीतीश कुमार बिहार की सत्ता भाजपा को यों ही नहीं सौंपने वाली है.लेकिन दूसरी तरफ भाजपा हर हाल में बिहार की सत्ता अपने हाथों में रखने की जुगाड में लगी है. ऐसे में राजनीतिक गलियारे में चल रही नेताओं के बोलबच्चन ने कई तरह के अफवाहों को जन्म दे दिया है. जिससे भाजपा और जदयू दोनों को मामला सुलझाने में पसीना बहाना पड़ रहा है. बताते चलें कि बिहार के अगले नए मुख्यमंत्री को लेकर अफवाहों का बाजार काफी गर्म हो गया है.फिलहाल अंदर खाने की खबर ये आ रही है कि बिहार के अगले नए मुख्यमंत्री को लेकर नीतीश कुमार के इशारे का ही इंतजार हो रहा है.अब देखना ये है कि नीतीश जी अपने किसी चहेते को बिहार की सत्ता की चाभी देते है या भाजपा नीतीश को राज्यसभा भेजकर बिहार की सत्ता अपने कमांड में रखना चाहती है.अब बिहार की जनता को इस बात का इंतजार है कि बिहार के पॉलिटिक्स की दिशा और दशा क्या होती है.

