
नई दिल्ली, 23 जनवरी (अशोक “अश्क”) सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई के दौरान उस वक्त माहौल गरमा गया जब देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने वरिष्ठ वकील मैथ्यूज नेदुम्पारा को कड़ी फटकार लगा दी। अदालत कक्ष में तीखी टिप्पणी के बाद सीजेआई ने साफ शब्दों में चेताया—“मेरी कोर्ट में इस तरह की बदतमीजी नहीं चलेगी।”दरअसल, नेदुम्पारा ने न्यायपालिका के कॉलेजियम सिस्टम को चुनौती देने वाली याचिका का जिक्र करते हुए जजों की नियुक्ति के लिए नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट कमीशन लागू करने की मांग उठाई। इस पर सीजेआई ने कहा कि ऐसी कोई याचिका रजिस्टर ही नहीं है।

यहीं से विवाद बढ़ गया। वकील ने टिप्पणी की कि “अदाणी और अंबानी के लिए संवैधानिक पीठ गठित होती है, लेकिन आम लोगों के मुद्दों पर सुनवाई नहीं।” इस बयान से नाराज मुख्य न्यायाधीश ने कड़े लहजे में कहा, “मिस्टर नेदुम्पारा, सोच-समझकर बोलिए। आपने चंडीगढ़ में भी मुझे देखा है, दिल्ली में भी… यह मत समझिए कि यहां भी वैसा ही व्यवहार करेंगे।”गौरतलब है कि 2024 में सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने इसी मुद्दे पर उनकी याचिका दर्ज करने से इनकार कर दिया था, यह कहते हुए कि इस विषय पर पहले ही फैसला हो चुका है।

इससे पहले भी तत्कालीन सीजेआई संजీవ खन्ना ने नेदुम्पारा को फटकार लगाते हुए कहा था, “कोर्ट में राजनीतिक भाषण मत दीजिए।”

