
पांडुलिपियों के संरक्षण और कला के आदान-प्रदान पर जोरपटना,डेस्क। बिहार के कला व संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम से शिष्टाचार मुलाकात कर उन्हें ‘बिहार दिवस’ के अवसर पर बिहार आने का औपचारिक न्योता दिया।

इस दौरान बिहार और मॉरीशस के बीच कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान सचिव प्रणव कुमार ने बिहार की प्रसिद्ध मिथिला चित्रकला और मधुबनी पेंटिंग को मॉरीशस में बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि मॉरीशस में मिथिला पेंटिंग को लेकर लोगों में काफी रुचि है और कई कलाकार इसे सीखना चाहते हैं। ऐसे में प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं, ऑनलाइन कक्षाएं और प्रदर्शनी के माध्यम से दोनों देशों के कलाकारों को एक साझा मंच देने की योजना बनाई जा रही है। प्रणव कुमार इन दिनों ‘बिहार दिवस’ समारोह के अवसर पर राजकीय अतिथि के रूप में मॉरीशस दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम से मुलाकात कर बिहार और मॉरीशस के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने पर विचार-विमर्श किया। बैठक में प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण, डिजिटाइजेशन और प्रदर्शनी को लेकर भी दोनों देशों के बीच संयुक्त प्रयास करने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने माना कि पांडुलिपियां हमारी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर हैं, इसलिए इनके संरक्षण और वैश्विक प्रदर्शन के लिए तकनीकी सहयोग और शोध कार्य को बढ़ावा दिया जाएगा। मॉरीशस दौरे के दौरान सचिव प्रणव कुमार ने मॉरीशस में भारत के उच्चायुक्त से भी मुलाकात की और सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों को और सक्रिय बनाने पर चर्चा की। उन्होंने मॉरीशस के प्रतिनिधियों और शिष्टमंडल को बिहार दिवस समारोह में शामिल होने के लिए बिहार आने का औपचारिक निमंत्रण दिया। सचिव ने कहा कि मिथिला पेंटिंग बिहार की पहचान है और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान दिलाने के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। मॉरीशस में इस कला के प्रति बढ़ती रुचि को देखते हुए भविष्य में सांस्कृतिक विनिमय कार्यक्रम, कलाकार शिविर और संयुक्त प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी, जिससे दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंध और मजबूत होंगे।

