पटना, 02 नवम्बर (पटना डेस्क) मोकामा की सियासत में बड़ा उलटफेर तब आया जब पटना पुलिस ने जेडीयू के कद्दावर नेता अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पुष्टि की है कि उन्हें दुलारचंद यादव हत्याकांड में मुख्य आरोपी बनाया गया है। एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने बताया कि यह हिंसा 30 अक्टूबर को दो राजनीतिक खेमों के समर्थकों के बीच हुई थी, जिसमें 75 वर्षीय दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी।

घटना के वक्त अनंत सिंह खुद मौके पर मौजूद थे। उनके साथ मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम को भी हिरासत में लिया गया है।पुलिस के अनुसार, यह झड़प मोकामा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी प्रचार के दौरान भड़की थी। तारतर गांव के पास हुए इस टकराव में कई लोग घायल हुए थे। दुलारचंद यादव उस समय जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी के प्रचार में जुटे हुए थे। बताया जाता है कि वे पहले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के समर्थक थे और टिकट न मिलने के बाद जन सुराज से नजदीकियां बढ़ाई थीं।पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
अनुमंडलीय अस्पताल के डॉ. अजय कुमार के अनुसार, यादव को बाएं पैर में गोली लगी थी, पर मौत गोली से नहीं हुई। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि उनके सीने और पसलियों की कई हड्डियां टूटी थीं और मौत आंतरिक चोटों से हुई। डॉक्टरों ने ब्रेन हेमरेज की भी संभावना जताई है।एसएसपी ने बताया कि यह मामला आदर्श आचार संहिता उल्लंघन से जुड़ा है और दोनों पक्षों पर मामला दर्ज किया गया है। अनंत सिंह समेत तीनों आरोपियों को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा। पुलिस ने कहा कि यह जांच विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सियासी माहौल को देखते हुए पूरी गंभीरता से की जा रही है।

