पटना, 01 नवम्बर (पटना डेस्क) बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच मोकामा सीट पर हुई हिंसक झड़प ने पूरे राज्य का सियासी तापमान बढ़ा दिया है। जन सुराज उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी और जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह के समर्थकों के बीच हुई भिड़ंत में दुलारचंद यादव की मौत ने मामला गंभीर बना दिया है।

इस घटना पर केंद्रीय चुनाव आयोग (EC) ने कड़ा रुख अपनाते हुए बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) से तत्काल विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव के दौरान हिंसा और अराजकता को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।पटना एसपी (ग्रामीण) विक्रम सिंह सिहाग ने बताया कि अब तक तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। पहली एफआईआर मृतक के पोते की ओर से दर्ज कराई गई है, जिसमें पांच अभियुक्तों के नाम शामिल हैं। दूसरी एफआईआर विपक्षी पक्ष द्वारा दर्ज हुई, जिसमें छह लोगों को आरोपी बनाया गया है। तीसरी एफआईआर पुलिस की ओर से दर्ज की गई है, जिसमें अज्ञात लोगों को भी आरोपित किया गया है। दो अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि बाकी की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।पुलिस ने जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज और मौके से मिले वीडियो क्लिप्स का विश्लेषण शुरू कर दिया है। घटनास्थल पर सीन रिकंस्ट्रक्शन के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गोलीबारी की शुरुआत कहां से हुई थी। वहीं, तीन डॉक्टरों की मेडिकल टीम ने पोस्टमार्टम में बड़ा खुलासा किया है—दुलारचंद यादव की मौत गोली से नहीं हुई, बल्कि शरीर पर पाई गई अन्य चोटों से संबंधित नई आशंकाएं सामने आई हैं।फिलहाल मोकामा में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। चुनाव आयोग की विशेष टीम बिहार प्रशासन से लगातार संपर्क में है और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही है। सूत्रों के अनुसार, आयोग ने DGP से पूछा है कि इतनी बड़ी झड़प चुनाव प्रचार के दौरान कैसे हुई और सुरक्षा चूक के लिए कौन जिम्मेदार है।

