नई दिल्ली, 13 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) सारधा चिटफंड घोटाले से जुड़े बहुचर्चित मामले में राज्य पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार की अग्रिम जमानत को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। यह मामला छह साल से लंबित है और अब मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई तथा न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ में सूचीबद्ध है।

राजीव कुमार को 2019 में कलकत्ता हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत दी थी, जिसे सीबीआई ने तीन दिन के भीतर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने अब तक इस मामले की केवल दो बार सुनवाई की है। हालांकि आज की सुनवाई को लेकर इसे पहली प्राथमिकता दी गई है।
सारधा घोटाले की शुरुआत में राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी जांच टीम में राजीव कुमार भी शामिल थे। बाद में 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंप दिया। सीबीआई का आरोप है कि राजीव ने जांच में सहयोग नहीं किया और जानबूझकर सबूतों से छेड़छाड़ की। दूसरी ओर, राजीव ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए जांच में सहयोग करने की बात कही है।
सीबीआई का कहना है कि राजीव एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और उन्हें जमानत मिलने से जांच प्रभावित हो सकती है। वहीं, राजीव के वकीलों का तर्क है कि उन्होंने जांच में सहयोग किया और उन्हें हिरासत में लेने की आवश्यकता नहीं है। अब देखना यह होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है।

