
पटना, 15 मार्च (अविनाश कुमार) बिहार में राज्यसभा की पांचवीं सीट को लेकर सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया है। सोमवार (16 मार्च) को विधानसभा परिसर में होने वाले मतदान से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों खेमों में रणनीति और जोड़-तोड़ का दौर तेज हो गया है। चुनाव से ठीक पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपने विधायकों को पटना के होटल पनाश में ठहराया है, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।सूत्रों के अनुसार महागठबंधन के कई विधायक रविवार शाम से ही होटल में पहुंचने लगे थे और मतदान तक वहीं रुकने वाले हैं।

विपक्षी खेमे का दावा है कि यह कदम विधायकों को एकजुट रखने और क्रॉस-वोटिंग की किसी भी आशंका को खत्म करने के लिए उठाया गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने विधायकों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे मतदान तक एक साथ रहें।हालांकि इस कदम पर सत्ताधारी जनता दल (यू) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव ने अपने ही विधायकों को होटल में ‘नजरबंद’ कर दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या विपक्ष को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं है। साथ ही उन्होंने होटल के खर्च और बिल को लेकर भी सवाल उठाए।

इधर मंत्री विजय चौधरी ने भी विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि जिन्हें अपने विधायकों पर भरोसा नहीं है, वे उन्हें होटल में बंद करके रख रहे हैं।वहीं RJD ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि विधायकों पर कोई प्रतिबंध नहीं है और महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है।इस बीच सत्ताधारी गठबंधन NDA में भी बैठकों का दौर जारी है। नेताओं ने रणनीति तय करने के साथ विधायकों के लिए मॉक पोल की तैयारी भी की है, जिससे मतदान के दिन कोई चूक न हो। अब सबकी नजर सोमवार के मतदान पर टिकी है।

